झटका तार बना काल: बेटे को बचाने दौड़े पिता की भी गई जान, खेत में करंट लगने से दोनों की दर्दनाक मौत,बिरनपुर कला की हृदयविदारक घटना ने झकझोरा कबीरधाम, अवैध इलेक्ट्रिक फेंसिंग पर उठे गंभीर सवाल…
सहसपुर लोहारा (कबीरधाम), 3 जुलाई 2026। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरनपुर कला में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेत की मेड़ पर लगाए गए विद्युत झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों ने खेत में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में अवैध विद्युत झटका तार लगाने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
धान की बुआई के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बिरनपुर कला निवासी गोकरण पटेल (55 वर्ष) बुधवार सुबह अपने पुत्र परमेश पटेल (22 वर्ष) के साथ धान की बुआई के लिए खेत पहुंचे थे। खेत में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के उद्देश्य से चारों ओर विद्युत झटका तार लगाया गया था। लगातार बारिश के कारण खेत में पानी भर गया था, जिससे करंट का खतरा और बढ़ गया।

काम के दौरान अचानक परमेश पटेल विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गए। बेटे को करंट से तड़पता देख पिता गोकरण पटेल बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने दौड़ पड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में दोनों खेत में गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। खेत में मौजूद अन्य लोग जब तक स्थिति को समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
भोजन लेकर पहुंची पत्नी, सामने था जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा
जानकारी के अनुसार, काफी देर तक दोनों के घर नहीं लौटने पर गोकरण पटेल की पत्नी भोजन लेकर खेत पहुंचीं। वहां पति और बेटे को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखकर उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर आसपास के किसान मौके पर पहुंचे और तत्काल बिजली का प्रवाह बंद कराया, लेकिन तब तक पिता-पुत्र की मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक दृश्य ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही सहसपुर लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेत में लगाए गए विद्युत झटका तार का कनेक्शन किस प्रकार लिया गया था और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध बिजली उपयोग की भूमिका रही या नहीं।
अवैध झटका तार पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए कई किसान अवैध रूप से विद्युत झटका तार का उपयोग कर रहे हैं। उनका दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की कई घटनाओं में ग्रामीणों, मवेशियों और वन्यजीवों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि गांव-गांव विशेष अभियान चलाकर अवैध विद्युत कनेक्शन और झटका तार लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को फसलों की सुरक्षा के सुरक्षित और वैकल्पिक उपायों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
फसल सुरक्षा या जान का जोखिम?
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि फसलों की सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे अवैध और खतरनाक तरीके आखिर कब तक लोगों की जान लेते रहेंगे। जंगली जानवरों से बचाव जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसे साधनों का उपयोग, जिनसे इंसानों और पशुओं की जान खतरे में पड़ जाए, गंभीर चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन, बिजली विभाग, कृषि विभाग और वन विभाग को संयुक्त रूप से सुरक्षित फेंसिंग, सौर ऊर्जा आधारित सुरक्षा प्रणाली तथा अन्य वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही अवैध विद्युत फेंसिंग के खिलाफ नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
फिलहाल बिरनपुर कला में पिता-पुत्र की एक साथ हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में शोक का माहौल है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है—क्या ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका नहीं जा सकता था ?
सावधान रहे सतर्क रहे 🙏
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