कबीरधाम जिले के बोड़ला (बोदलपानी) मे उत्तर पुस्तिकाएं समय पर जमा न करने पर सख्त कार्रवाई, प्रधानपाठक निलंबित,पढ़े पुरा समाचार..?
Strict action taken for not submitting answer sheets on time in Bodla (Bodalpani) of Kabirdham district, headmaster suspended, read full news..?

बोड़ला / बोदलपानी / सहसपुर लोहारा (कबीरधाम)। जिले के बोड़ला विकासखंड में परीक्षा कार्य में लापरवाही का मामला सामने आने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर पुस्तिकाएं समय पर जमा नहीं करने के कारण परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल प्रभाव से एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय आदिवासी बालक आश्रम मिनिमिनिया जंगल, विकासखंड बोड़ला में पदस्थ प्रधान पाठक बनऊ राम मेरावी को शैक्षणिक सत्र 2025-26 की केंद्रीकृत परीक्षा के लिए प्राथमिक शाला बोदलपानी में केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बावजूद उन्होंने अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया।
बताया गया कि 16 मार्च 2026 को परीक्षा समाप्ति के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केंद्र में जमा नहीं कराई गईं। इस लापरवाही के कारण परीक्षा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई और विभागीय कार्य प्रभावित हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बोड़ला ने विस्तृत प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा।
प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए बनऊ राम मेरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला कार्यालय निर्धारित रहेगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
🔎 विभाग ने दिए सख्त संकेत
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
📌 निष्कर्ष
शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विभाग लगातार सतर्क है। यह कार्रवाई न केवल जिम्मेदार कर्मचारियों को चेतावनी है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की गंभीरता को भी रेखांकित करती है।




