CG BREAKING- रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़,दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब तीसरे जिले में कार्रवाई, झारखंड का आरोपी हिरासत में,पढ़े पुरा समाचार..?
रायगढ़, छत्तीसगढ़। राज्य में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक और बड़ी सफलता सामने आई है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है। यह खेती बेहद चालाकी से तरबूज और ककड़ी जैसी फसलों के बीच छिपाकर की जा रही थी, ताकि किसी को संदेह न हो।
📍 एक एकड़ में फैली थी अवैध खेती

मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट गांव का है, जहां नदी किनारे लगभग एक एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की।
मौके पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल रहे, ने स्थिति का जायजा लिया।
👤 झारखंड का आरोपी हिरासत में

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने झारखंड निवासी मार्शल सांगा को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में रहकर अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध खेती कर रहा था। उससे पूछताछ जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
🗣️ कलेक्टर का बयान
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुसार,
रायगढ़ निवासी सुषमा खलखो के पति द्वारा झारखंड से आकर इस अवैध खेती को अंजाम दिया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपियों की विधिवत गिरफ्तारी की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
🔍 जमीन की जांच जारी
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद तमनार और पूंजीपथरा पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, वह निजी है या शासकीय — इसकी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
🧭 पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाइयां
📌 दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम
इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा गांव में करीब 5 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई थी। यह खेती भाजपा नेता के खेत में हो रही थी, जिसके बाद प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई और एक कृषि अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
इस मामले में राजस्थान और स्थानीय आरोपियों सहित चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
📌 बलरामपुर में दो जगहों पर खुलासा
वहीं बलरामपुर जिले में भी झारखंड सीमा से लगे क्षेत्रों में दो अलग-अलग स्थानों पर करीब 3 एकड़ में अफीम की खेती पाई गई थी।
इस मामले में किसानों को झारखंड के लोगों द्वारा “मसाले की खेती” के नाम पर गुमराह कर इस अवैध काम में शामिल किया गया था।
⚠️ बढ़ता नेटवर्क, प्रशासन अलर्ट
लगातार तीन जिलों में सामने आए इन मामलों ने संकेत दिया है कि राज्य में अफीम की अवैध खेती का नेटवर्क धीरे-धीरे फैल रहा है, जिसमें बाहरी राज्यों के लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है।
प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक जांच और सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
👉 निष्कर्ष:
रायगढ़ में हुई यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह भी संकेत है कि छत्तीसगढ़ में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान अब और तेज होने वाला है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

