मानसून में बिजली से रहें सतर्क: CSPDCL की कबीरधामवासियों से अपील, छोटी लापरवाही बन सकती है जानलेवा,पढ़े पुरा समाचार…
मानसून में बिजली से रहें सतर्क, छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है जानलेवा; सीएसपीडीसीएल ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी
कवर्धा | 08 जुलाई 2026- बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ा देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल), राजनांदगांव क्षेत्र ने कबीरधाम जिले सहित सभी उपभोक्ताओं के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी बरतकर बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने कहा कि बारिश, आंधी और तूफान के दौरान बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना विभाग के कर्मचारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे समय में फीडरों में आई खराबी का पता लगाना और अंधेरे व बारिश के बीच लाइन सुधारना बेहद कठिन कार्य होता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर घबराने के बजाय 5 से 10 मिनट प्रतीक्षा करें और आवश्यकता होने पर टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था में अनावश्यक छेड़छाड़ न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित विद्युत व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बरसात में क्यों बढ़ जाता है करंट का खतरा?
सीएसपीडीसीएल के अनुसार मानसून के दौरान बिजली के खंभों, हाईटेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा घरों की वायरिंग में नमी आने से करंट लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में करंट लगने से जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती हैं। विभाग का कहना है कि अधिकांश हादसे जानकारी के अभाव और असावधानी के कारण होते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को करंट लग जाए तो क्या करें?
विभाग ने सलाह दी है कि यदि कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए तो सबसे पहले तुरंत मुख्य बिजली स्विच बंद करें।
यदि स्विच बंद करना संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करें। भूलकर भी नंगे हाथों से व्यक्ति को न छुएं, अन्यथा बचाने वाला भी करंट की चपेट में आ सकता है।
इसके बाद घायल व्यक्ति को सूखी जगह पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दें और बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
सीएसपीडीसीएल ने जारी किए ये महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश
1. टूटे बिजली तार और खंभों से रहें दूर
- आंधी या बारिश के बाद यदि बिजली का तार टूटकर गिरा हो या स्पार्किंग दिखाई दे तो उसके पास बिल्कुल न जाएं।
- इसकी सूचना तुरंत 1912, मोर बिजली ऐप या नजदीकी वितरण केंद्र/जोन कार्यालय को दें।
- यदि नदी, नाले या तालाब में बिजली का तार गिरा हो तो उस पानी में प्रवेश न करें।
2. घर और खेतों में बरतें विशेष सावधानी
- गीले हाथों से स्विच, प्लग या किसी भी विद्युत उपकरण को न छुएं।
- बिजली का कार्य करते समय रबर या प्लास्टिक के जूते पहनें।
- केवल मानक एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपकरणों का ही उपयोग करें।
- कटी-फटी या क्षतिग्रस्त सर्विस लाइन का उपयोग न करें।
- खेतों की बाड़ या कंटीले तारों में बिजली प्रवाहित करना गैरकानूनी और जानलेवा है।
- बिजली के खंभों या स्टे वायर पर कपड़े न सुखाएं।
- बिजली लाइनों के नीचे या आसपास स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण न करें।
3. बच्चों की सुरक्षा और अनधिकृत बिजली उपयोग से बचें
- बच्चों को बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और डीपी के आसपास खेलने न दें।
- किसी भी खराब विद्युत उपकरण या लाइन को स्वयं ठीक करने का प्रयास न करें।
- ऐसी स्थिति में तुरंत लाइनमैन या कनिष्ठ अभियंता को सूचना दें।
- बिजली लाइन से हुकिंग कर अनधिकृत बिजली उपयोग न करें। यह गैरकानूनी होने के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकता है।
सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
सीएसपीडीसीएल ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि मानसून के दौरान बिजली से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की खराबी या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दें। विभाग का कहना है कि
आपका जीवन अमूल्य है। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी न केवल आपकी बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है , सावधान रहे – सतर्क रहे 🙏


