कबीरधाम में 8 प्रमुख पर्वों पर पशुवध और मांस बिक्री रहेगी बंद, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जारी किया आदेश
कबीरधाम में 8 प्रमुख पर्वों पर पशुवध और मांस बिक्री रहेगी बंद, कलेक्टर गोपाल वर्मा का आदेश
कवर्धा, 07 जुलाई 2026। कबीरधाम जिले में आगामी महीनों में पड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों के अवसर पर पशुवध और मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गोपाल वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिले के सभी पशुवध गृहों एवं मांस बिक्री केंद्रों को निर्धारित तिथियों पर बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण एवं नगरीय निकाय विभाग, मंत्रालय रायपुर के निर्देशों के पालन में लिया गया है। आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों की गरिमा बनाए रखना तथा शासन के दिशा-निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
इन तिथियों पर रहेगा प्रतिबंध
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित अवसरों पर जिले के सभी पशुवध गृह एवं मांस बिक्री केंद्र पूर्णतः बंद रहेंगे—
- 15 अगस्त 2026 – स्वतंत्रता दिवस
- 04 सितंबर 2026 – श्री कृष्ण जन्माष्टमी
- 14 सितंबर 2026 – गणेश चतुर्थी
- 22 सितंबर 2026 – ढोल ग्यारस
- 25 सितंबर 2026 – अनंत चतुर्दशी
- 02 अक्टूबर 2026 – गांधी जयंती
- 08 नवंबर 2026 – भगवान महावीर निर्वाण दिवस
- 18 दिसंबर 2026 – गुरु घासीदास जयंती
सभी मांस विक्रेताओं को करना होगा आदेश का पालन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश जिले के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में संचालित पशुवध गृहों और मांस बिक्री केंद्रों पर लागू रहेगा। संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथियों पर किसी भी प्रकार की पशुवध गतिविधि अथवा मांस बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
उल्लंघन करने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण एवं निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि शासन के आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन ने सभी पशुवध गृह संचालकों, मांस विक्रेताओं तथा आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित तिथियों पर जारी प्रतिबंध का पालन करें और राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों की गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।


