सहसपुर लोहारा के किसानों ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री से की बड़ी मांगें,पढ़े पुरा समाचार..?

सहसपुर लोहारा- कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र में किसानों की समस्याओं और खाद-बीज की किल्लत को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को ज्ञापन सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष मूलचंद साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की अंश पूंजी, खाद वितरण, सिंचाई व्यवस्था, नाली निर्माण और कृषि आदानों की उपलब्धता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन तहसीलदार सहसपुर लोहारा के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया।

समाचार के अनुसार, किसानों ने जिला की सभी सेवा सहकारी समितियों में जमा अंश पूंजी (शेयर) का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। किसान संघ का कहना है कि किसानों द्वारा वर्षों से जमा की गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है और उस पर मिलने वाले ब्याज का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ग्राम सभा के माध्यम से दी जानी चाहिए। संघ ने मांग रखी कि प्रत्येक वर्ष 15 जून को ग्राम सभा आयोजित कर किसानों को समिति की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाए।

इसके अलावा किसानों ने सुतियापाठ नहर विस्तारीकरण कार्य को 15 जून तक पूर्ण कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि सिंचाई सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के किसान प्रभावित हो रहे हैं और समय पर कार्य पूरा नहीं होने से खरीफ फसल पर असर पड़ सकता है।

नवीन सोसायटी टाटीकसा में खाद की अनुपलब्धता को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अभी तक किसानों को एक बोरी खाद तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे खेती कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों ने तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की है.

ग्राम गौरमाटी में जल निकासी की समस्या भी किसानों की प्रमुख शिकायतों में शामिल रही। किसान टहलराम के खेत में गांव का निकासी पानी भरने से फसल प्रभावित हो रही है। किसान संघ ने सोख्ता गड्ढा निर्माण एवं नाली निर्माण कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग प्रशासन से की है।

दूसरे ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने प्रदेशभर में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। संघ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बढ़ते संकट के बीच किसान देश के लिए अन्न उत्पादन कर रहा है, लेकिन कृषि आदानों की कमी किसानों के सामने गंभीर चुनौती बनती जा रही है। संघ ने आरोप लगाया कि खाद की कालाबाजारी लगातार जारी है और इसे रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

ज्ञापन में मांग की गई कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराया जाए तथा किसानों को कम से कम एक बोरी डीएपी और दो बोरी यूरिया दिया जाए। निजी खाद विक्रेताओं द्वारा अधिक कीमत वसूले जाने पर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की गई।

किसान संघ ने एग्रीटेक में पंजीकृत किसानों को समितियों में नगद भुगतान पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। साथ ही नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के प्रयोग में किसानों को आ रही कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए इनकी कीमत कम कर मात्रा बढ़ाने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में कृषि कार्य के लिए किसानों को कंटेनर और जेरीकेन में डीजल उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण बीज समितियों में भंडारित करने तथा हरी खाद के लिए ढेंचा, सन और मूंग के बीज सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।

भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन किसानों के हित में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

राजा श्रीवास्तव की रिपोर्ट
खबरी बाबु न्यूज़
न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब न्यूज़ चैनल

विज्ञापन हेतु संपर्क –
7389167001 

About The Author

You may have missed

error: Content is protected !!