
कबीरधाम | 14 जनवरी 2026- कबीरधाम जिले के लोहारा परिक्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर सर्किल क्षेत्र में लगातार बाघ के विचरण की मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 14 जनवरी 2026 को वन विभाग द्वारा वन्यजीव सुरक्षा को लेकर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सतर्क करना तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करना रहा।

वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को बाघ के संभावित विचरण क्षेत्रों, उसके व्यवहार एवं सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जंगल अथवा सुनसान क्षेत्रों में अकेले न जाएं, सुबह-शाम के समय विशेष सतर्कता बरतें और मवेशियों को खुले में छोड़ने से बचें।


कार्यक्रम के दौरान वन अमले ने ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी भी स्थान पर बाघ या अन्य वन्य प्राणी के पदचिह्न, आवाज या मौजूदगी के संकेत मिलते हैं, तो तुरंत वन विभाग या नजदीकी वन चौकी को सूचना दें। अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने से बचने की भी समझाइश दी गई।


वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि बाघ जैसे संरक्षित वन्य जीव का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेस्पॉन्स टीम को सक्रिय करने की भी व्यवस्था की गई है।

जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ सहयोग करने का भरोसा दिलाया और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की सहमति जताई। वन अधिकारियों ने कहा कि जन सहयोग से ही वन्य जीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

वन विभाग द्वारा आगे भी प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनी रहे।




