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Chhattisgarh: कौन थी यलम सुकरा? जिनसे नक्सलियों को था ‘रहस्यमयी’डर,जन अदालत लगाकर घोंटा गला..

Chhattisgarh: कौन थी यलम सुकरा? जिनसे नक्सलियों को था ‘रहस्यमयी’डर,जन अदालत लगाकर घोंटा गला..

 

Chhattisgarh Naxli Killed Women: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीते दो दिनों में दो महिलाओं की हत्या की है। नक्सलियों का आरोप था कि ये महिलाएं मुखबिरी करती थीं। इसकी वजह से नक्सलियों ने महिला को पति के साथ अगवा किया और जन अदालत लगाकर गला घोंट दिया। इससे पहले नक्सलियों ने दो पूर्व सरपंच की हत्या की थी।

 

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों ने एक और महिला की हत्या कर दी। यह दूसरी घटना दो दिनों के अंदर हुई है। माओवादियों का आरोप है कि ये महिलाएं पुलिस की मुखबिर थीं। 40 साल की यलम सुकरा, लोदेड गांव की रहने वाली थी। यह गांव तिमापुर से 50 किमी से भी कम दूरी पर है, जहां शनिवार को एक 45 वर्षीय तीन बच्चों की मां की हत्या कर दी गई थी। दोनों महिलाओं का उनके परिवार के सदस्यों के सामने गला घोंट दिया गया। यलम सुकरा को उनके पति रमैया यलम के साथ अगवा किया गया था।

 

 

पति के सामने की गई हत्या

रमैया को बुरी तरह पीटा गया और फिर उन्हें अपनी पत्नी की हत्या होते देखने के लिए मजबूर किया गया। माओवादियों ने सुकरा पर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में सुरक्षा बलों को जानकारी देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सुकरा की सूचना की वजह से पुलिस कई माओवादियों को पकड़ने और मार गिराने में कामयाब रही। माओवादियों ने दावा किया कि हाल ही में तेलंगाना में हुए एक ऑपरेशन में सात माओवादियों की मौत सुकरा की दी हुई जानकारी के कारण हुई थी।

 

7 दिसंबर को किया गया था अगवा

पुलिस के अनुसार, इस दंपति को 7 दिसंबर को लोदेड से अगवा किया गया था। लोदेड रायपुर से 460 किमी दूर और तेलंगाना सीमा के पास स्थित है। उन्हें एक पहाड़ी पर तथाकथित ‘जन अदालत’ में ले जाया गया। वहां वरिष्ठ माओवादी कमांडरों ने सुकरा पर सात साल से अधिक समय तक पुलिस के लिए काम करने का आरोप लगाया और उन्हें मौत की सजा सुनाई।

 

महिलाओं का घोंटा गया गला

वहीं, दोनों को बेरहमी से पीटा गया, जिसके बाद महिला का गला घोंट दिया गया और उसका शव लोदेड के बाहरी इलाके में फेंक दिया गया। घायल रमैया को शव के पास छोड़ दिया गया। वह किसी तरह गांव पहुंचे और मदद के लिए चिल्लाए। पुलिस की एक टीम पोस्टमार्टम के लिए शव को लेने पहुंची। सुकरा के शव के पास एक माओवादी पर्चा मिला।

 

पुलिस को देती थी सूचना

पर्चे में लिखा था कि यलम सुकरा 2017 से पुलिस इंस्पेक्टरों के संपर्क में थी और उन्हें कैडरों की आवाजाही के बारे में जानकारी देती थी। 2017 और 2024 के बीच, उसे चार बार चेतावनी दी गई थी कि वह पुलिस मुखबिर के रूप में काम न करे, लेकिन वह पुलिस के पास भागी और उन्हें और तेलंगाना ग्रेहाउंड्स को हाल ही में हमारी आवाजाही के बारे में बताया, जिसके कारण सात नक्सलियों की मौत हो गई। इसलिए, उसे एक जन अदालत में मार दिया गया है।

 

पति गंभीर रूप से घायल

वहीं, रमैया गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती है। हत्यारों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस को अब महिलाओं को निशाना बनाने की इस नक्सली रणनीति से निपटना होगा। बस्तर में ‘पुलिस मुखबिर’ के आरोप में मारी जाने वाली सुकरा तीसरी महिला है। पहली महिला की हत्या छह साल से ज्यादा समय पहले कोंडागांव में हुई थी, और अब दो महिलाओं की हत्या एक के बाद एक कर दी गई है।

 

दो पूर्व सरपंचों की भी हुई थी हत्या

इस हफ्ते की शुरुआत में दो पूर्व सरपंचों की भी हत्या कर दी गई थी। माओवादियों ने टारगेटेड हत्याओं में वृद्धि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले की है। माओवादियों ने इस साल बस्तर संभाग में कम से कम 64 नागरिकों की हत्या की है। यह घटनाएं चिंताजनक हैं और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। माओवादियों की बढ़ती क्रूरता और आम नागरिकों को निशाना बनाने की उनकी रणनीति एक गंभीर चुनौती है। इससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

 

 

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Raja Pawan Shrivastava

राजा श्रीवास्तव(फाउंडर & चीफ एडिटर) बीएजेएमसी (B.A.J.M.C) कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़.. खबर,विज्ञापन या अन्य खास अपडेट के लिए संपर्क करे - 📞7389167768☎️

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