विधानसभा में गूंजे जनहित के मुद्दे: विधायक भावना बोहरा ने धान खरीदी, पेंशन, पोषण आहार और कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन का उठाया सवाल
धान खरीदी में 141.04 लाख मीट्रिक टन की खरीद, 82,844 पेंशन हितग्राही; कुपोषण और पोषण आहार व्यवस्था पर भी मांगा जवाब

कबीरधाम/पंडरिया/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने किसानों, महिलाओं, बच्चों और कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी एवं भुगतान व्यवस्था, आंगनबाड़ी के माध्यम से गर्भवती माताओं और बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, वृद्धा-विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन भुगतान जैसे विषयों पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
धान खरीदी और भुगतान व्यवस्था पर सवाल
विधायक भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुई धान खरीदी नीति के तहत राज्य में कुल कितना धान खरीदा गया और किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कितनी राशि का भुगतान किया गया। साथ ही उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे और ई-केवाईसी सर्वर में तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों के पंजीकरण और टोकन वितरण में हुई देरी तथा सीमावर्ती राज्यों से आने वाले अवैध धान को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने लिखित उत्तर में बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई धान खरीदी के तहत राज्य में कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। किसानों को समर्थन मूल्य के अनुसार कॉमन धान के लिए 2369 रुपये तथा ग्रेड-ए धान के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की गई है।
मंत्री ने बताया कि किसानों ने तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से पंजीयन कराया और नियमानुसार टोकन प्राप्त किए। सीमावर्ती जिलों में अवैध धान की आवक रोकने के लिए चेकपोस्ट स्थापित किए गए तथा मंडी अधिनियम के तहत कोचियों और बिचौलियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है।
कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन का मुद्दा
विधायक बोहरा ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य के विभिन्न जिलों के लगभग 108 धान खरीदी केंद्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को निर्धारित अवधि का मानदेय भुगतान नहीं किया गया।
खाद्य मंत्री ने बताया कि पूर्व में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण जिला कलेक्टरों के समन्वय से आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटरों से कार्य लिया गया था। हालांकि संबंधित एजेंसी द्वारा अब तक विपणन संघ कार्यालय को भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत नहीं किया गया है। धान खरीदी नीति 2025-26 में इस संबंध में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।
कबीरधाम में 82 हजार से अधिक पेंशन हितग्राही
विधायक ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं की स्थिति पर भी प्रश्न उठाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि कबीरधाम जिले में सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत कुल 82,844 पेंशन हितग्राही पंजीकृत हैं। इनमें कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में 38,000 और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में 44,844 हितग्राही शामिल हैं।
मंत्री के अनुसार वर्तमान में पेंशन स्वीकृति के लिए कोई प्रकरण लंबित नहीं है। आवेदन से लेकर स्वीकृति और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। हितग्राही लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं तथा पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
पोषण आहार पर शिकायतें, जांच में अनियमितता नहीं
गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर भी विधायक बोहरा ने सवाल उठाया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में पोषण आहार से संबंधित दो शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनकी जांच कराई गई। जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई। कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
प्रदेश में कुपोषण और क्षयकारी बच्चों की स्थिति
विधायक ने यह भी पूछा कि पोषण ट्रैकर के जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में क्षयकारी बच्चों का प्रतिशत 7.77 है, जो राष्ट्रीय औसत 5.46 प्रतिशत से अधिक है।
इस पर मंत्री ने बताया कि क्षयकारी बच्चों की स्थिति के प्रमुख कारणों में जन्म के तुरंत बाद स्तनपान न कराना, छह माह बाद भी पूरक आहार न देना, प्रोटीन की कमी, स्वच्छता की कमी, आर्थिक कठिनाइयां, जागरूकता का अभाव तथा बार-बार होने वाले संक्रमण जैसे दस्त, मलेरिया, निमोनिया और खसरा शामिल हैं।
जनहित के मुद्दों पर सक्रियता
विधानसभा में इन मुद्दों को उठाते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद वर्गों से जुड़े विषयों पर सरकार को लगातार संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, कर्मचारियों के बकाया भुगतान, पेंशन योजनाओं की सरलता और कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।




