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प्रतिष्ठाश्री रजक का नवोदय विद्यालय में चयन, सहसपुर लोहारा क्षेत्र में हर्ष की लहर….

A confluence of ancient knowledge and modern science: The two-day national seminar concluded successfully at Sahaspur Lohara College...

सहसपुर लोहारा-   जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा सत्र 2026-27 के परिणाम घोषित होते ही सहसपुर लोहारा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा प्रतिष्ठाश्री रजक ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

प्रतिष्ठाश्री रजक, स्थानीय शिक्षक सुखीराम रजक (गुरुजी) एवं श्रीमती मेघा रजक की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में उत्सव जैसा माहौल है, वहीं गांव एवं क्षेत्र के लोग भी गर्व महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर इस तरह की सफलता हासिल करना अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि प्रतिष्ठाश्री की बड़ी बहन कु. लोकश्री रजक पहले से ही जवाहर नवोदय विद्यालय, उड़िया (कवर्धा) में अध्ययनरत हैं। अब दोनों बहनों का एक ही प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्ययन करना परिवार के लिए गौरव का विषय बन गया है। यह उपलब्धि शिक्षा के प्रति परिवार की प्रतिबद्धता और मेहनत को भी दर्शाती है।

अपनी सफलता के संबंध में प्रतिष्ठाश्री ने बताया कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के आशीर्वाद, निरंतर मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से अपने मार्गदर्शक शिक्षक श्री गुनाराम चंदेल (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, गुमानपुर, खैरागढ़) का आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने तैयारी की।

ज्ञात हो कि श्री गुनाराम चंदेल पिछले कुछ वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि इस वर्ष उनके मार्गदर्शन में कुल 126 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न नवोदय विद्यालयों में हुआ है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं सामाजिक संगठनों ने प्रतिष्ठाश्री रजक को इस सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही, इस उपलब्धि को ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

यह सफलता न केवल एक छात्रा की मेहनत की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्गदर्शन और लगन से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।

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Raja Pawan Shrivastava

राजा श्रीवास्तव(फाउंडर & चीफ एडिटर) बीएजेएमसी (B.A.J.M.C) कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़.. खबर,विज्ञापन या अन्य खास अपडेट के लिए संपर्क करे - 📞7389167768☎️

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