बजट सत्र में गूंजे पंडरिया के मुद्दे, विधायक भावना बोहरा ने उठाई कौशल विकास, आंगनबाड़ी सुविधाओं और वनांचल विकास की मांग
पंडरिया/कवर्धा, 18 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र सहित कबीरधाम जिले से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाया। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास, वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
कौशल विकास और रोजगार पर जोर
बजट चर्चा के दौरान विधायक बोहरा ने क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम बाजार चारभाठा और नगर पंचायत पांडातराई में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और पलायन में कमी आएगी।
उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और मरम्मत की मांग
उन्होंने सहकारिता विभाग के अंतर्गत ग्राम बांगर, ढोठमानवापारा, मगरवाह, सरईपतेराकला, पांडातराई के नयापारा वार्ड-2 और ग्राम मजगांव में नई उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की मांग रखी। साथ ही बहरमुड़ा, सेन्हाभाठा, बसनी, रेंगाबोड़, पटुआ, माकरी, दनियाखुर्द और नवागांवखुर्द में जर्जर दुकानों के मरम्मत कार्य की आवश्यकता भी बताई।
वनांचल क्षेत्रों में पर्यटन और सुरक्षा पर फोकस
वनांचल क्षेत्र कुकदूर के विकास को लेकर उन्होंने फायर वॉच टावर और फायर कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की मांग की, ताकि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। साथ ही भैंसाओदार प्राकृतिक स्थल को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, व्यू पॉइंट, ट्रैकिंग ट्रेल और पर्यटक कॉटेज निर्माण की आवश्यकता बताई।
आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति उजागर
प्रश्नकाल के दौरान विधायक बोहरा ने वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि कितने केंद्र अब भी पक्के भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लिखित जवाब में बताया कि कबीरधाम जिले में जनवरी 2026 की स्थिति में 54 आंगनबाड़ी केंद्रों में पक्के भवन, 192 में शौचालय और 326 केंद्रों में बिजली की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रेडी टू ईट योजना पर भी उठाए सवाल
विधायक बोहरा ने रेडी टू ईट योजना के विस्तार को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 6 जिलों में यह कार्य महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित हो रहा है, जबकि 6673 आंगनबाड़ी केंद्रों में समूहों द्वारा और 45,867 केंद्रों में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, रायपुर द्वारा पोषण आहार वितरित किया जा रहा है।
महिला व बाल तस्करी पर गंभीर चिंता
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर भी विधायक बोहरा ने प्रश्न उठाते हुए बीते दो वर्षों में रायपुर और दुर्ग में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन का विवरण मांगा। जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 893 बच्चों को मुक्त कराया गया, जिनमें 759 छत्तीसगढ़ के और 134 अन्य राज्यों के थे। इनके पुनर्वास और सुरक्षित वापसी पर 98,322 रुपये खर्च किए गए।
साथ ही बाल संरक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर नियमित निरीक्षण किए जाने की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि कई संस्थानों में सीसीटीवी, सुरक्षा जाली, बाउंड्री वॉल और अन्य आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
जनहित के मुद्दों पर मुखर रहीं विधायक
विधायक भावना बोहरा ने सदन में स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास, युवाओं के भविष्य और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वे लगातार आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
बजट सत्र में उनके द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं।

