अत्यधिक गर्मी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल संदेश, प्रशासन ने सतर्क रहने की दी सलाह,पढ़े पुरा समाचार…?
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 19 अप्रैल से 31 मई के बीच अत्यधिक गर्मी और खतरनाक परिस्थितियों को लेकर चेतावनी दी जा रही है। संदेश में दावा किया गया है कि सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक घर से बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि तापमान 45°C से 55°C तक पहुंच सकता है और लगभग 70% अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें सीधे पृथ्वी पर गिरेंगी।
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस तरह के वायरल संदेशों में किए गए दावे पूरी तरह प्रमाणित नहीं हैं। विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ना सामान्य है, लेकिन 55°C तक तापमान पहुंचने और UV किरणों के प्रतिशत जैसे दावों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
☀️ क्या कहता है वायरल संदेश?
वायरल हो रहे संदेश में लोगों को विशेष रूप से खुले स्थानों पर न जाने, खिड़की-दरवाजे खुले रखने, मोबाइल का कम उपयोग करने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि अत्यधिक गर्मी के कारण मोबाइल फोन फटने का खतरा बढ़ जाता है।
⚠️ विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि:
• गर्मी के दौरान दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन यह हर साल की सामान्य सावधानी है।
• UV किरणों का स्तर बढ़ता जरूर है, पर “70% सीधी किरणें” जैसे आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं।
• मोबाइल फटने की घटनाएं अत्यधिक दुर्लभ होती हैं और सामान्य उपयोग में ऐसा खतरा नहीं होता।
🌡️ प्रशासन की अपील
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। गर्मी के मौसम में निम्न सावधानियां जरूर अपनाएं:
• दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
• पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
• हल्के और ढीले कपड़े पहनें
• लू से बचाव के लिए सिर ढककर रखें
📢 निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश में कुछ सावधानियां सही हैं, लेकिन कई दावे अतिरंजित और अपुष्ट हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग घबराने के बजाय सतर्क रहें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
👉 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — लेकिन अफवाहों से बचें।

