
कवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में परिवर्तन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए इसे गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के अधिकारों पर हमला बताया।
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल गांधी परिवार से ही परेशानी है। उन्हें देश के विकास, गरीबों और मजदूरों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, बल्कि वे केवल बड़े उद्योगपतियों अडानी और अंबानी के हितों की चिंता कर रहे हैं। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का नाम बदलना सरकार की गलत मानसिकता को दर्शाता है।
वहीं कांग्रेस नेता आनंद सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलना और उसे “जी राम जी” जैसे नाम से जोड़ना, देश को धर्म के नाम पर बांटने की एक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस पार्टी इस निर्णय का विरोध करेगी, तो तथाकथित अंधभक्त जनता को गुमराह करेंगे और यह प्रचार करेंगे कि कांग्रेस भगवान के नाम का विरोध कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को लागू करने के पीछे कांग्रेस पार्टी की मंशा देश के गरीब और मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलकर केंद्र सरकार धीरे-धीरे इस योजना को खत्म करने की तैयारी कर रही है, ताकि इसका लाभ गरीबों के बजाय बड़े उद्योगपतियों को पहुंचाया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस सच्चाई को आम जनता तक पहुंचाना आवश्यक है।
धरना-प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा अगम, अंतन, मनीकांत त्रिपाठी, सतीश सिंह, अतुल बरगाह, सौखी साहू, धीरज सिंह, चंद्रभान कोसले, आनंद सिंह, जगमोहन साहू, महेंद्र कुंभकार, रवि चंद्रवंशी, भखु यादव, रूपेंद्र वर्मा, विनोद चंद्रवंशी, शिव गायकवाड़, गोपाल चंद्रवंशी, भोला चंद्रवंशी, धनेश पाली, राजेश शुक्ला, शिव वर्मा, अश्वनी वर्मा सहित कांग्रेस के सभी विंगों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन मनीष शर्मा द्वारा किया गया। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा के नाम परिवर्तन के फैसले को वापस लेने की मांग की।




