कबीरधाम में MedLEaPR/डिजिटल पोस्टमार्टम व MLC प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चस्तरीय बैठक

कबीरधाम, 14 फरवरी 2026। जिले में मेडिकल लीगल प्रक्रियाओं को पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त उच्चस्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक आज दोपहर 1 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई, जिसमें MedLEaPR (Medical Legal Examination and Postmortem Report) डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा डिजिटल पोस्टमार्टम एवं MLC रिपोर्ट प्रणाली के प्रभावी और शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।


बैठक पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में संपन्न हुई। संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने किया। उन्होंने बैठक के उद्देश्य, तकनीकी महत्व तथा न्यायिक प्रक्रिया में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बैठक में राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) एवं गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CCTNS प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य स्तर पर लागू की जा रही MedLEaPR प्रणाली के एकीकृत क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा इस डिजिटल व्यवस्था को राज्य के सभी जिलों में लागू करने का उद्देश्य पोस्टमार्टम एवं मेडिकल लीगल रिपोर्टों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, रिपोर्ट तैयार करने और प्राप्त करने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना तथा न्यायालयीन कार्यवाही हेतु त्वरित एवं विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध कराना है।

बैठक के दौरान डिजिटल प्रणाली के तकनीकी पहलुओं—ऑनलाइन लॉग-इन प्रक्रिया, रिपोर्ट अपलोड की चरणबद्ध प्रणाली, डेटा सुरक्षा एवं गोपनीयता मानक, त्रुटि समाधान तंत्र तथा निर्धारित समय-सीमा के पालन—पर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली के माध्यम से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और विवेचना अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी।

इस अवसर पर जिला चिकित्सा अधिकारी केशव ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक आशीष शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक अंजू कुमारी सहित जिला चिकित्सालय एवं खंड चिकित्सालय के चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, पुलिस विवेचक एवं संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बघेल ने जिले के समस्त विवेचना अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में इस डिजिटल प्रणाली का अनिवार्य एवं शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के मध्य सुदृढ़ समन्वय ही इस प्रणाली की सफलता की कुंजी है।
बैठक का मूल उद्देश्य पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करते हुए डिजिटल नवाचार को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना तथा आमजन को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा। जिले में इस पहल को न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




