हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर गोपाल वर्मा, जल जीवन मिशन के लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश, गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर

कवर्धा, 14 फरवरी 2026। जिले में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के किसी भी गांव, विशेषकर ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं होनी चाहिए। जहां कहीं भी शिकायत प्राप्त हो, उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजना के तहत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई), निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा या अन्य समस्या आने पर संबंधित विभागों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल समाधान किया जाए।

कलेक्टर ने विशेष रूप से उन गांवों की समीक्षा की, जहां कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं लेकिन छोटे-मोटे कार्य शेष रहने के कारण योजना का हस्तांतरण और सर्टिफिकेशन लंबित है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे गांवों में सरपंचों के साथ समन्वय स्थापित कर शेष कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और ग्राम पंचायतों को योजना का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। जिन ग्रामों में तकनीकी बाधाएं नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत सूची तैयार कर उन्हें प्रगति के आधार पर वर्गीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत, 95 प्रतिशत, 90 प्रतिशत तथा 90 प्रतिशत से कम प्रगति वाले कार्यों का अलग-अलग वर्गीकरण कर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि लंबित कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

कलेक्टर श्री वर्मा ने यह भी निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने केरान सड़कों को तोड़े जाने के बाद उनकी मरम्मत तत्काल कराई जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि जल स्रोतों की कमी, तकनीकी दिक्कतों और अन्य समस्याओं की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान करना आवश्यक है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पोयाम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता दिलीप राजपूत, कृषि विभाग के उप संचालक अमित मोहंती सहित विद्युत विभाग, क्रेडा, निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने अंत में कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जिले के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि गर्मी के मौसम में जिले के नागरिकों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

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