आस्था पर हमला या साजिश? कबीरधाम के अंधियारखोर में ग्राम देवता की प्रतिमा खंडित, ग्रामीणों में आक्रोश, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज
“हर बार किसी तथाकथित मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को पकड़कर मामले की खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि असली साजिशकर्ता खुले घूमते रहते हैं।”

अंधियारखोर (कबीरधाम).- कबीरधाम जिला के अंतर्गत आने वाले अंधियारखोर गांव में ग्राम देवता ठाकुरदेव महराज की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से खंडित कर फेंक दिए जाने की घटना से क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक आस्था पर हमला बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए, लेकिन देर रात तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से धार्मिक भावनाओं को आहत करने और क्षेत्र की शांति भंग करने का प्रयास प्रतीत होता है।

मौके पर पहुंचे तुकाराम चंद्रवंशी, शांति बनाए रखने की अपील

घटना की सूचना मिलते ही तुकाराम चंद्रवंशी मौके पर पहुंचे और उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर खंडित प्रतिमा को सफेद कपड़े से ढंकवाया। उन्होंने ग्रामीणों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।



उन्होंने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन हर बार वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि “हर बार किसी तथाकथित मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को पकड़कर मामले की खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि असली साजिशकर्ता खुले घूमते रहते हैं।”
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और विशेष रूप से विजय शर्मा के गृह जिले में बार-बार इस तरह की घटनाएं होना कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार गंभीर होती, तो अब तक इन घटनाओं के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका होता।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इन घटनाओं के पीछे संगठित साजिश हो सकती है और संभव है कि दोषियों को किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यह मुद्दा व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
ग्रामीणों में असुरक्षा और आक्रोश



घटना के बाद गांव में असुरक्षा की भावना व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और दोषियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम देवता उनकी आस्था और परंपरा का प्रतीक हैं, और इस तरह की घटना से उनकी भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति और विश्वास कायम रह सके।




