प्रधानमंत्री सड़क योजना के निर्माण में लापरवाही का आरोप, ग्रामीणों ने विधायक भावना बोहरा को सौंपा शिकायत पत्र, बड़े हादसे की आशंका
कवर्धा/पंडरिया, कबीरधाम। कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्ही से बोड़तरा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और ठेकेदार की कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा को सामूहिक शिकायत पत्र सौंपा है। साथ ही निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, गुणवत्ता की जांच करवाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सड़क में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत कुम्ही से बोड़तरा तक सड़क निर्माण कार्य कराया गया है, लेकिन निर्माण एजेंसी और ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता संबंधी मापदंडों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण में कई तकनीकी खामियां हैं, जिनका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान कई आवश्यक सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
निर्माण स्थल पर नहीं लगाए गए सूचना एवं सुरक्षा बोर्ड
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि सड़क निर्माण स्थल पर कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। निर्माण कार्य के दौरान जहां-जहां पुलिया और अन्य संरचनाएं बनाई गई हैं, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

उनका कहना है कि सड़क किनारे चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर या बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाएं नहीं होने से विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।
सड़क किनारे डाली गई चिकनी मिट्टी बनी दुर्घटनाओं की वजह
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों ओर साइड शोल्डर में चिकनी मिट्टी डाल दी गई है। बारिश शुरू होते ही यह मिट्टी दलदल में बदल गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही कोई वाहन पक्की सड़क से नीचे उतरता है, उसके फिसलने की संभावना बढ़ जाती है। कई दोपहिया वाहन चालक गिर चुके हैं और छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ठेकेदार पर मनमानी और शिकायतों की अनदेखी का आरोप
शिकायत पत्र में सड़क निर्माण के ठेकेदार तिलक चंद्रवंशी पर मनमानी करने और ग्रामीणों की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार फोन के माध्यम से ठेकेदार को समस्या से अवगत कराने का प्रयास किया, लेकिन न तो फोन रिसीव किया गया और न ही किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है।
विधायक भावना बोहरा से की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विधायक भावना बोहरा से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही सड़क निर्माण में बरती गई कथित अनियमितताओं को तत्काल दूर कराया जाए तथा संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में ही लापरवाही बरती जाएगी तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
कई गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया समर्थन
शिकायत पत्र पर ग्राम पंचायत बोड़तरा खुर्द के सरपंच कपिल दीवान, उपसरपंच विष्णु चंद्रवंशी, भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र निर्मलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
बताया गया कि बोड़तरा खुर्द, बेलमुड़ा, छीतापारकला, कुम्ही, नवागांव और खैरवार सहित आसपास के कई गांवों के लोगों ने भी शिकायत का समर्थन किया है।
जनआंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि सड़क निर्माण की खामियों को शीघ्र दूर नहीं किया गया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।


