जर्जर सड़क बनी देवदहरा की मजबूरी, स्कूल-इलाज के लिए जोखिम भरा सफर; 30 परिवारों को डेढ़ किलोमीटर मार्ग का सहारा…

कवर्धा/सहसपुर लोहारा। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरखपुर कला के आश्रित ग्राम देवदहरा में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। करीब 170 की आबादी और लगभग 30 परिवारों वाले इस गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा मार्ग प्रमुख संपर्क रास्ता है, लेकिन सड़क की स्थिति खराब होने के कारण रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता केवल सामान्य आवागमन का माध्यम नहीं है, बल्कि गांव के बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी इसी मार्ग पर निर्भर है। सड़क खराब होने के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान मार्ग की स्थिति और खराब हो जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।


स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी

देवदहरा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी संपर्क मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों को आवागमन में परेशानी होती है। बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति खराब होने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा नियमित रूप से जारी रखने के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन जरूरी है। सड़क की स्थिति खराब होने से बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल आने-जाने में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मरीजों को उपचार केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की खराब स्थिति का असर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर भी पड़ रहा है। गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपात स्थिति में उसे उपचार केंद्र तक ले जाने के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण मरीजों को ले जाने में समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते हैं। विशेषकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों के मामले में बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत अधिक महसूस होती है।

एक ही रास्ते पर निर्भर हैं करीब 30 परिवार

देवदहरा के ग्रामीणों के अनुसार गांव से बाहर आने-जाने के लिए फिलहाल यही प्रमुख मार्ग है। कोई सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब 30 परिवारों की रोजमर्रा की आवाजाही इसी सड़क पर निर्भर है।

दैनिक जरूरतों के लिए बाजार, स्कूल, उपचार केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में ग्रामीणों को इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। सड़क खराब होने से छोटे-बड़े सभी जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।

बारिश में और बिगड़ जाती है सड़क की स्थिति

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। पानी और कीचड़ के कारण मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहनों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को विशेष परेशानी होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की वास्तविक स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर जरूरत के अनुसार स्थायी सुधार की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।

योजनाओं के बावजूद सड़क संपर्क पर उठ रहे सवाल

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण बस्तियों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।

ऐसे में देवदहरा के इस मार्ग का संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण कराया जाना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मार्ग किस विभाग या योजना के अंतर्गत आता है और इसके सुधार के लिए किस स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीणों ने की स्थल निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण की मांग

देवदहरा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा और संबंधित विभाग से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग का स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार मरम्मत, सड़क सुधार या स्थायी निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सड़क को चलने योग्य और सुरक्षित बनाया जाना गांव की बुनियादी जरूरत है।

शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच के लिए जरूरी है बेहतर सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को केवल आवागमन की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सड़क सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से जुड़ी है।

संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण किया गया है तथा अनुच्छेद 21-क के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। ग्रामीणों का कहना है कि इन बुनियादी सेवाओं तक प्रभावी पहुंच के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित संपर्क मार्ग भी महत्वपूर्ण है।

अब कार्रवाई का इंतजार

देवदहरा के ग्रामीणों की मांग फिलहाल स्पष्ट है—गांव को मुख्य सुविधाओं से जोड़ने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग का स्थल निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधार कराया जाए।

करीब 170 की आबादी और 30 परिवारों के लिए यह सड़क रोजमर्रा की जरूरत है। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर मरीजों को उपचार केंद्र तक पहुंचाने और ग्रामीणों के दैनिक आवागमन तक, इस मार्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।

अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कब होता है और ग्रामीणों को राहत देने के लिए धरातल पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

ग्रामीणों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग समस्या को प्राथमिकता से लेकर सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में ठोस पहल करेगा।

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