पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाए जनहित के बड़े मुद्दे, वनांचल में बिजली, राजस्व प्रकरण और तेंदूपत्ता श्रमिकों की सुविधाओं पर सरकार से मांगा जवाब…

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में जनहित के अहम मुद्दे उठाए

कवर्धा/पंडरिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र और कबीरधाम जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया, भू-राजस्व के लंबित प्रकरणों तथा वन सुरक्षा समिति एवं तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

वनांचल के 71 परिवार अब भी बिजली से वंचित, 1127 परिवार सोलर व्यवस्था पर निर्भर

विधायक भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा के वनांचल एवं आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों के कई गांवों में बिजली की समस्या का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि कितने परिवार आज भी नियमित विद्युत सुविधा से वंचित हैं और कितने केवल सौर ऊर्जा पर निर्भर हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिखित उत्तर के अनुसार—

  • प्रश्नाधीन 20 गांवों में से 8 गांव अब भी परंपरागत बिजली से अविद्युतीकृत हैं।
  • 71 परिवार पूरी तरह बिजली से वंचित हैं।
  • 1127 परिवार केवल सोलर आधारित व्यवस्था पर निर्भर हैं।
  • सोलर संयंत्रों का रखरखाव वारंटी अवधि तक संबंधित एजेंसी तथा बाद में क्रेडा द्वारा किया जाता है।
  • सघन वन क्षेत्र होने के कारण इन गांवों को फिलहाल पारंपरिक विद्युत लाइन विस्तार की किसी योजना में शामिल नहीं किया गया है।

स्वतः नामांतरण प्रणाली पर भी उठाए सवाल

विधायक भावना बोहरा ने रजिस्ट्री के बाद होने वाले स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं और रिकॉर्ड अपडेट होने में आ रही दिक्कतों पर भी सरकार से जवाब मांगा।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने लिखित उत्तर में बताया कि—

  • वर्तमान में विक्रय विलेखों में स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया लागू है।
  • सभी प्रकरणों को भूइयां पोर्टल पर प्रदर्शित करने के लिए तकनीकी व्यवस्था विकसित की जा रही है।
  • 1 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं।
  • सभी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।
  • त्रुटि होने पर छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा सुधार किया जाता है।

कबीरधाम में 372 राजस्व प्रकरण लंबित

भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले में भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के अंतर्गत लंबित मामलों की जानकारी भी मांगी।

सरकार के अनुसार—

  • जिले में वर्तमान में 372 मूल एवं अपील प्रकरण लंबित हैं।
  • लंबित रहने के प्रमुख कारण पक्षकारों की अनुपस्थिति और साक्ष्य प्रस्तुत करने में देरी हैं।
  • राजस्व शिविर एवं ई-कोर्ट के माध्यम से प्रकरणों के त्वरित निराकरण की कार्रवाई की जा रही है।
  • इन मामलों के निपटारे की निर्धारित समय-सीमा 45 कार्य दिवस है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों और वन श्रमिकों को मिल रही हैं ये सुविधाएं

विधायक भावना बोहरा ने वन सुरक्षा समितियों, लघु वनोपज एवं तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े श्रमिकों और समिति सदस्यों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी सदन में मांगी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने उत्तर में बताया कि श्रमिकों एवं संग्राहकों को पारिश्रमिक के अतिरिक्त—

  • प्रोत्साहन राशि
  • बीमा सुविधा
  • सामाजिक सुरक्षा
  • बच्चों के लिए छात्रवृत्ति

जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

विधायक भावना बोहरा ने कहा

विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से विधायक भावना बोहरा ने स्पष्ट किया कि वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण तथा श्रमिकों के कल्याण से जुड़े विषय सरकार की प्राथमिकता बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों का प्रभावी समाधान क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।

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