चंद्रग्रहण आज और कल होली: आस्था, खगोल और उत्सव का अनोखा संगम…
Lunar eclipse today and Holi tomorrow: A unique confluence of faith, astronomy and celebration...

कबीरधाम (छत्तीसगढ़), 3 मार्च 2026। इस वर्ष रंगों का पर्व होली एक विशेष खगोलीय घटना के साथ मनाया जा रहा है। आज पड़ रहे चंद्रग्रहण के कारण पर्व के क्रम और धार्मिक अनुष्ठानों के समय में बदलाव देखने को मिल रहा है। ज्योतिषाचार्यों और धर्माचार्यों के अनुसार ग्रहण के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए होलिका दहन और रंगोत्सव के मुहूर्त में सावधानी बरती जा रही है।
ग्रहण का प्रभाव और धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में चंद्रग्रहण को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया गया है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान का विशेष फल मिलता है, जबकि भोजन और शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है। सूतक काल ग्रहण से पूर्व ही प्रारंभ हो जाता है, जिसके चलते मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए और श्रद्धालुओं को घरों में ही भजन-कीर्तन करने की सलाह दी गई।
पंडितों के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान और गंगाजल से शुद्धिकरण कर होली के अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।
होलिका दहन और रंगोत्सव का क्रम
पंचांग के अनुसार होलिका दहन ग्रहण के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निर्धारित शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। कई स्थानों पर सुरक्षा और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के बीच सादगीपूर्ण ढंग से होलिका दहन की तैयारी की गई है।
कल धुलेंडी पर रंगोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। बाजारों में गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासन की सतर्कता
होली और ग्रहण के मद्देनज़र प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्रग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसका मानव जीवन पर प्रत्यक्ष नकारात्मक प्रभाव नहीं होता, लेकिन धार्मिक आस्थाओं के कारण लोग सावधानी बरतते हैं।
आस्था और उल्लास का संगम
इस वर्ष होली पर चंद्रग्रहण का संयोग लोगों के लिए उत्सुकता का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां श्रद्धालु धार्मिक नियमों का पालन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रंगों के पर्व को लेकर उत्साह भी चरम पर है।
आस्था, विज्ञान और परंपरा के इस संगम के बीच लोग यही कामना कर रहे हैं कि होली का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के रंग भर दे।




