CG BREAKING- होली से पहले किसानों को बड़ी सौगात: 28 फरवरी को खातों में जाएंगे 10,324 करोड़ रुपए, 25 लाख से अधिक धान एवं बीज उत्पादक किसानों को मिलेगा बोनस, बिलासपुर के बिल्हा में राज्य स्तरीय समारोह…

रायपुर/बिलासपुर, (छत्तीसगढ़)  27 फरवरी।   होली से पहले छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने 28 फरवरी को धान बोनस की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करने का निर्णय लिया है। कुल 10 हजार 324 करोड़ रुपए की यह राशि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत धान एवं धान बीज उत्पादक किसानों को दी जाएगी।

यह भुगतान राज्य सरकार की कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस पहल से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और आगामी खरीफ सीजन की तैयारी में भी सहूलियत होगी।

साय कैबिनेट का फैसला, होली से पहले भुगतान

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में होली से पूर्व बोनस राशि वितरण का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय किया गया कि किसानों को त्योहारी सीजन से पहले ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सके।

सरकार का मानना है कि सीधे बैंक खातों में राशि हस्तांतरण (डीबीटी) से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों को बिना किसी बिचौलिये के लाभ मिलेगा।

बिलासपुर के बिल्हा में होगा मुख्य कार्यक्रम

बोनस वितरण का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रतीकात्मक रूप से किसानों को बोनस राशि हस्तांतरित करेंगे।

शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगभग 20 हजार किसानों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम स्थल पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें सुरक्षा, पेयजल, बैठक व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह राशि धान खरीदी के आधार पर पात्र किसानों को प्रदान की जाएगी। धान एवं धान बीज उत्पादक किसानों के लिए यह बोनस उनकी आय में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा। ग्रामीण बाजारों में भी इस राशि के प्रवाह से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

किसानों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि त्योहार से पहले बोनस मिलने से घरेलू जरूरतों की पूर्ति और खेती की अगली तैयारी में मदद मिलेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि एक साथ किसानों के खातों में जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति बढ़ेगी। इसका सकारात्मक असर स्थानीय बाजारों, कृषि उपकरणों की खरीद और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती और किसानों को स्थायी आर्थिक संबल मिल सके।

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