गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय,स.लोहारा मे युवा संसद कार्यक्रम 2026 का सफल आयोजन, लोकतांत्रिक मूल्यों पर युवाओं ने रखे प्रभावशाली विचार
“आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर हुई सारगर्भित चर्चा

कवर्धा (सहसपुर लोहारा)। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा शासकीय महाविद्यालय सहसपुर लोहारा के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत एक दिवसीय युवा संसद कार्यक्रम 2026” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक दायित्वों एवं राष्ट्रीय चेतना के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। आयोजन में जिले भर के विभिन्न महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं की सजीव प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय सांसद संतोष पाण्डेय वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा संसद जैसे मंच युवाओं को संसदीय परंपराओं को समझने, तार्किक संवाद कौशल विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की मजबूती में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


प्रमुख अतिथि राजेंद्र चंद्रवंशी (जिला अध्यक्ष, भाजपा) ने “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, जिससे नागरिक अधिकारों, संविधान की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के महत्व को समझा जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सदन की कार्यवाही का संचालन स्पीकर के रूप में चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी (अध्यक्ष, नगर पालिका) ने प्रभावशाली ढंग से किया। प्रतिभागियों ने पक्ष एवं विपक्ष के रूप में संसदीय प्रक्रिया का अनुकरण करते हुए तार्किक और प्रभावपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए। प्रश्नकाल, शून्यकाल एवं विशेष उल्लेख जैसे संसदीय आयामों की सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमुदाय को प्रभावित किया।


द्वितीय सत्र में स्पीकर की भूमिका अशोक चंद्रवंशी ने निभाई। उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराया, जिससे प्रतिभागियों


को वास्तविक संसदीय वातावरण का अनुभव प्राप्त हुआ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एस. परिहार ने स्वागत भाषण में कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन एवं संवाद कौशल का विकास होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


लगभग 100 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन कर कार्यक्रम में भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 10 प्रतिभागियों—गजेंद्र भारती, पंकज ध्रुव, दिलेश वर्मा, दानेश्वर पटेल, इंद्राणी साहू, क्षमा चंद्रवंशी, योगिता, ऐश्वर्या, यामिनी कौशिक एवं रूपेश पटेल—का जिला स्तर पर चयन किया गया। इनमें से पांच प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा संसद में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम में योगेश साहू (अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति, कॉलेज लोहारा) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन की सराहना की। विशेष अतिथियों में डॉ. ऋचा मिश्रा (प्राचार्य, पीजी कॉलेज), जिनेद्र दीवान (समन्वयक एनएसएस, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग), परेटन वर्मा (जिला उपाध्यक्ष), लालाराम साहू (मंडल अध्यक्ष, भाजपा), हेमंत साहू (उपाध्यक्ष, नगर पंचायत लोहारा) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
निर्णायक समिति में उमेश पाठक, तेज सिंह चंद्रवंशी, गजराज सिंह, सौरभ श्रीवास्तव एवं अब्दुल वहीद खान ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी एफ. आर. वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी माय भारत सौरभ निषाद तथा महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं स्टाफ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक मंच सिद्ध हुआ, जिसने उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




