नवदिवसीय अखंड नवधा रामायण यज्ञ में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भक्ति में सराबोर हुआ बैहरसरी गांव

कवर्धा। कवर्धा जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम बैहरसरी में आयोजित नवदिवसीय अखंड नवधा रामायण यज्ञ एवं मानस प्रवचन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। धार्मिक वातावरण में डूबा पूरा गांव इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से मानस मंडलियां पहुंचकर रामचरितमानस का सस्वर पाठ एवं भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र का श्रवण कर रही हैं।

आयोजन स्थल पर प्रतिदिन सुबह से लेकर देर रात तक रामायण पाठ, मानस प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं संगीतमय प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और राम नाम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में धर्म, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता का प्रसार करना है। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को मर्यादा, आदर्श जीवन और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है। समिति के अनुसार इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों में आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।


इस पावन आयोजन में आसपास के कई गांवों और कस्बों जैसे पोंडी, बोड़ला, कवर्धा एवं पंडरिया सहित अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में अपनी-अपनी मानस मंडलियों के साथ पहुंच रहे हैं। मंडलियों द्वारा किए जा रहे सुमधुर मानस पाठ और भजनों ने पूरे आयोजन को और भी भव्य एवं आकर्षक बना दिया है।

ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस का श्रवण करने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

आयोजन के अंतिम दिन पूर्णाहुति, हवन, महाआरती, सहभोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने बताया कि अंतिम दिवस पर हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य, ग्रामवासी एवं क्षेत्रीय श्रद्धालु सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

बैहरसरी गांव में चल रहा यह नवदिवसीय अखंड नवधा रामायण यज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक जागरण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

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