पंडरिया विधानसभा को ₹10.25 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, सड़क और अधोसंरचना को मिलेगी नई गति
पंडरिया विधानसभा को ₹10.25 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई गति
पंडरिया। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सड़क, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार को गति देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत ₹10 करोड़ 25 लाख 12 हजार रुपये से अधिक के विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों के बाद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण और नगरीय इलाकों में सीसी रोड, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच सहित विभिन्न जनोपयोगी कार्यों को गति मिलने की बात कही गई है।
इन विकास कार्यों के माध्यम से गांवों से लेकर नगर निकाय क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। स्वीकृत राशि अलग-अलग योजनाओं एवं मदों के माध्यम से विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
मंडी निधि से 29 कार्यों के लिए ₹2.84 करोड़ स्वीकृत
छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड, पंडरिया में मंडी निधि के अंतर्गत 29 विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों के लिए ₹2 करोड़ 84 लाख 55 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है।
इन कार्यों में सीसी रोड, सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक मंच जैसे जनोपयोगी निर्माण कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से स्थानीय स्तर पर आवागमन, सामुदायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत 39 कार्य
वहीं मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत पंडरिया विधानसभा के विभिन्न गांवों में 39 विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों के लिए ₹1 करोड़ 40 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड, सद्भावना भवन, मुरमीकरण, रंगमंच सहित आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे। इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर जरूरी अधोसंरचना के निर्माण को गति मिलने की बात कही गई है।
पांडातराई, इंदौरी और पंडरिया नगर को भी बड़ी स्वीकृति
नगरीय प्रशासन एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अधोसंरचना मद के अंतर्गत विधानसभा के तीन प्रमुख नगरीय क्षेत्रों के लिए भी बड़ी राशि की प्राविधिक स्वीकृति दी गई है।
- नगर पंचायत पांडातराई – ₹3 करोड़
- नगर पंचायत इंदौरी – ₹2 करोड़
- नगर पालिका पंडरिया – ₹1 करोड़ 4 हजार
इन स्वीकृतियों के जरिए नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना एवं जनसुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होने की बात कही गई है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा- गांव और शहरों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पंडरिया विधानसभा के गांवों और शहरों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और अधोसंरचना का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि इन स्वीकृतियों से सड़क, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच सहित अनेक जनोपयोगी कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही अधोसंरचना निर्माण से नगरीय क्षेत्रों के विकास, नागरिकों की सुविधाओं तथा व्यापारियों और किसानों को लाभ मिलने की बात कही।
विधायक ने इन विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रति आभार व्यक्त किया।
पंडरिया नगर में पहले से हुए कार्यों का भी किया उल्लेख
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पिछले वर्षों में पंडरिया नगर में जनता की लंबे समय से चली आ रही कई मांगों को पूरा किया गया है। इनमें हरिनाला पुल, पंडरिया बाईपास, 250 सीटर नालंदा परिसर लाइब्रेरी एवं ऑडिटोरियम, पंडरिया नगर मुख्य मार्ग, बिसेसरा नाला से हरिनाला तक सड़क, नवीन नगर पालिका भवन, नवीन व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) भवन, व्यावसायिक परिसर और मिनी स्टेडियम जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण, वार्डों एवं प्रमुख सड़कों के निर्माण तथा विधानसभा के गांवों तक सड़क, नाली, पुल-पुलिया, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया गया।
इंदौरी में सड़क, स्टेडियम और अन्य सुविधाओं पर जोर
नगर पंचायत इंदौरी में मिनी स्टेडियम, मुक्तिधाम उन्नयन, व्यावसायिक परिसर, इंदौरी से बहरमुड़ा तक सड़क निर्माण, मंगल भवन सहित विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ही हाई मास्ट और स्ट्रीट लाइट, सीसी रोड, नाली निर्माण तथा चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी किए जाने की जानकारी दी गई है।
पांडातराई में ड्रेन, एसटीपी और सड़क सहित कई कार्य
नगर पंचायत पांडातराई में इंटरसेप्शन एवं डायवर्सन ड्रेन सहित एसटीपी निर्माण, उप तहसील एवं विद्युत सब स्टेशन की स्थापना, पांडातराई से फास्टरपुर मार्ग, चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न जनसुविधाओं के विस्तार का उल्लेख विधायक द्वारा किया गया।
अब अधोसंरचना मद से मिली ₹3 करोड़ की प्राविधिक स्वीकृति के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता और मजबूत होने की बात कही गई है।
वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में विकास पर भी जोर
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि नगरीय निकायों के साथ-साथ पंडरिया विधानसभा के दूरस्थ वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र भी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत वनांचल क्षेत्रों में लगभग 200 किलोमीटर पक्की सड़कों के निर्माण का दावा किया। इससे दूरस्थ गांवों में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होने की बात कही गई है।
इसके अलावा योजना के तहत लगभग 3500 आवासों की स्वीकृति, दुर्गम इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति, विद्युतविहीन ग्रामों में बिजली की पहुंच और सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया गया।
कुई-कुकदुर में महाविद्यालय सहित कई कार्यों का उल्लेख
वनांचल क्षेत्रों में पुल-पुलिया निर्माण के साथ कुई-कुकदुर में महाविद्यालय की स्थापना को भी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। विधायक के अनुसार ऐसे कार्यों से शिक्षा, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों तक हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा के अंतिम छोर तक रहने वाले नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
कुल स्वीकृति का ब्योरा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पंडरिया विधानसभा में स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
| योजना/क्षेत्र | स्वीकृत राशि |
| मंडी निधि – 29 विकास कार्य | ₹2.84 करोड़ |
| मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना – 39 कार्य | ₹1.40 करोड़ |
| नगर पंचायत पांडातराई | ₹3 करोड़ |
| नगर पंचायत इंदौरी | ₹2 करोड़ |
| नगर पालिका पंडरिया | ₹1 करोड़ 4 हजार |
| कुल | ₹10.25 करोड़ से अधिक |
इन स्वीकृतियों से पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य अधोसंरचनात्मक जरूरतों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

