बोर्ड परीक्षा शुल्क वृद्धि के विरोध में NSUI कवर्धा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के नाम DEO को सौंपा ज्ञापन,गरीब व ग्रामीण छात्रों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, निर्णय वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी….

कबीरधाम, (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई भारी वृद्धि के खिलाफ छात्र संगठन NSUI ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में सोमवार को कबीरधाम जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और बढ़ाई गई परीक्षा फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की।

यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के आवाहन तथा जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी के निर्देश पर शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप
ज्ञापन सौंपते हुए NSUI शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे ने कहा कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा परीक्षा शुल्क में की गई वृद्धि पूरी तरह अनुचित और छात्र विरोधी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, जिनके लिए अचानक बढ़ी हुई फीस का भुगतान करना कठिन हो गया है।

उन्होंने कहा, “सरकार को शिक्षा को सुलभ और सस्ता बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत परीक्षा शुल्क बढ़ाकर छात्रों पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। इससे कई विद्यार्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है और कुछ छात्र परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं।”
शिक्षा के अधिकार पर असर की आशंका
NSUI नेताओं ने कहा कि परीक्षा शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी। संगठन का कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के अधिकार की भावना के विपरीत है और इससे छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आर्थिक तंगी के कारण कई छात्र परीक्षा फॉर्म भरने में असमर्थ हो सकते हैं, जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। संगठन ने सरकार से छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही परीक्षा शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया, तो संगठन छात्र हितों की रक्षा के लिए व्यापक और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस दौरान NSUI के योगेश्वर जोशी, प्रदीप भट्ट, हिरेन्द बंजारे, भानु धृतलहरे, राजीव साहू, सूरज चंद्रवंशी, विनीत मिरज, मिथलेश देवांगन, आयुष बघेल, जयंत श्रीवास, लकी देवांगन, सूरज साहू, मनीष चंद्रवंशी, रितेश साहू, निखिल बंजारे, आशीष श्रीवास, सलमान खान और मारुति तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में सरकार से परीक्षा शुल्क वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि छात्र हित सर्वोपरि हैं और उनके भविष्य से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।




