कवर्धा में छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण,नई पीढ़ी के लिए बनेगी राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा औऱ बहुत से निर्माण कार्य की जानकारी दी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा…

कवर्धा, 20 फरवरी 2026। कवर्धा शहर ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब विजय शर्मा ने मराठा वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर उनकी भव्य प्रतिमा का लोकार्पण किया। शहर के प्रमुख छत्रपति शिवाजी चौक में स्थापित यह प्रतिमा किले की दीवारों की पृष्ठभूमि और तोपों की प्रतिकृति के साथ निर्मित की गई है, जो इसकी भव्यता और ऐतिहासिक गौरव को और अधिक सजीव बनाती है।

युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी प्रतिमा
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह दिन कवर्धा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के प्रतीक हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मुगलों को चुनौती देकर हिंद स्वराज्य की स्थापना की।
उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम, साहस और आत्मसम्मान की सीख देगी। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे।”
नगर पालिका द्वारा लगभग 46.60 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस प्रतिमा से शहर की पहचान और गौरव में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का दावा
प्रदेश में नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सशस्त्र नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया है और बस्तर क्षेत्र में इस दिशा में निर्णायक प्रगति हो चुकी है।
कवर्धा में विकास कार्यों को मिली गति
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि—
- 300 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसमें 50 सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा प्रारंभ करने की योजना है।
- लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से घोटिया रोड का निर्माण कराया गया है।
- 10 करोड़ रुपए से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है, जिससे नए बस स्टैंड और मेडिकल कॉलेज तक आवागमन सुगम होगा।
- रायपुर और बिलासपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 54 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे फोरलेन सड़क का निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
भोरमदेव मंदिर सहित धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर परिसर के उन्नयन के लिए 146 करोड़ रुपए की लागत से भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा सहित आसपास के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इसके अलावा बूढ़ा महादेव मंदिर क्षेत्र का विकास, नदी तट का सौंदर्यीकरण और कांवरिया सदन का निर्माण भी प्रस्तावित है।

शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर
शहर में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 4.5 करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त वातानुकूलित नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है, जिसे 24 घंटे संचालित करने की योजना है। वहीं, शहर में हनुमंत वाटिका, चौपाटी और अन्य नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने भी व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललित चंद्राकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने देश को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा शहर के युवाओं को उनके बलिदान और आदर्शों की याद दिलाती रहेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने कम उम्र में ही अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर हिंद स्वराज्य की स्थापना की। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा शहर के गौरव और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक बनेगी।

बड़ी संख्या में नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का लोकार्पण केवल एक स्मारक का उद्घाटन नहीं, बल्कि कवर्धा में ऐतिहासिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और विकास के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रतिमा न केवल शहर की पहचान बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत भी सिद्ध होगी.




