नगरपंचायत सहसपुर लोहारा द्वारा सख्त निर्देश- 31 मार्च आखिरी मौका: टैक्स नहीं भरा तो 1 अप्रैल से कटेगा नल कनेक्शन, दुकानों पर लगेगी सील,पढ़े पुरा समाचार..?
सहसपुर लोहारा (कबीरधाम)। नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में बकाया कर वसूली को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले मुख्य नगर पालिका अधिकारी तेज सिंह चंद्रवंशी के निर्देश पर राजस्व वसूली अभियान को तेज करते हुए बकायदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।
नगर पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 तक टैक्स जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा 1 अप्रैल 2026 से बकायदारों के नल कनेक्शन काट दिए जाएंगे और उनकी सूची सार्वजनिक की जाएगी। इसके साथ ही डिफॉल्टर करदाताओं पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

💰 1000 रुपये जुर्माना और 10% अधिभार
राजस्व प्रभारी आत्मा राम साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि बार-बार अपील, मुनादी और नोटिस के बावजूद कई बड़े करदाता अब तक बकाया राशि जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब सख्त कदम उठाते हुए 1 अप्रैल से बकाया नल कनेक्शनों पर 1000 रुपये का जुर्माना तथा 10 प्रतिशत अधिभार (सरचार्ज) लगाया जाएगा।
🏪 दुकानों पर भी गिरेगी गाज
नगर पंचायत द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन दुकानों का किराया या प्रीमियम लंबे समय से बकाया है, उन्हें सील करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रशासन का कहना है कि राजस्व वसूली में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📊 कई करों की बड़ी राशि लंबित
नगर क्षेत्र में संपत्ति कर, समेकित कर, जलकर, दुकान किराया सहित अन्य मदों में बड़ी राशि बकाया है। यही वजह है कि प्रशासन को सख्त रुख अपनाना पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर कर भुगतान से ही नगर के विकास कार्य सुचारू रूप से संचालित हो पाते हैं।
🏢 छुट्टियों में भी खुलेगा कार्यालय
करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत कार्यालय शनिवार और रविवार सहित अवकाश के दिनों में भी खुला रहेगा, ताकि लोग अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए अपना टैक्स जमा कर सकें।
📢 प्रशासन की अपील
नगर पंचायत प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने बकाया करों का भुगतान करें। ऐसा न करने पर उन्हें नल कनेक्शन कटने, जुर्माना लगने और दुकानों के सील होने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
👉 निष्कर्ष:
नगर पंचायत की इस सख्ती से साफ है कि अब बकायदारों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिलेगी। समय पर टैक्स जमा करना ही नागरिकों के लिए बेहतर विकल्प है, अन्यथा कार्रवाई तय है।

