सेवा संकल्प अभियान: वनमंडल सहसपुर लोहारा द्वारा संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक आयोजित हुईं विभिन्न गतिविधियां, ग्रामीणों को इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और मोबाइल रिपेयरिंग का दिया गया प्रशिक्षण; सांसद संतोष पांडेय ने वितरित किए प्रमाण पत्र

सहसपुर लोहारा/कबीरधाम (13 अक्टूबर 2026,मंगलवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वनमंडल सहसपुर लोहारा द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता, वृक्षारोपण और ग्रामीणों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। 17 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच आयोजित इन कार्यक्रमों में जल स्रोतों के संरक्षण, साफ-सफाई, आवासीय परिसर में पौधरोपण तथा ग्रामीणों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने जैसी गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया।


अभियान के माध्यम से एक ओर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को व्यावहारिक कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित किया गया। अभियान के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और मोबाइल रिपेयरिंग जैसे रोजगारपरक विषयों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को कार्यक्रम के समापन अवसर पर कवर्धा-राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय के हाथों प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

जल स्रोतों के संरक्षण और साफ-सफाई पर विशेष जोर

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण और आसपास साफ-सफाई से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

जल स्रोत मानव जीवन के साथ-साथ वन्यजीवों और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना, उनमें कचरा जाने से रोकना तथा उनके आसपास के क्षेत्र को साफ रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम हैं।

वन विभाग की इन गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों तक सीमित जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने का दिया संदेश

अभियान के तहत आवासीय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पौधरोपण के माध्यम से हरित वातावरण को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।

वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षों का संरक्षण बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे वायु की गुणवत्ता सुधारने, मिट्टी के कटाव को कम करने तथा जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वृक्षारोपण के साथ पौधों की नियमित देखभाल और उनकी सुरक्षा भी आवश्यक है। अभियान के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया गया।

ग्रामीणों को मिला रोजगारपरक प्रशिक्षण, कौशल विकास पर जोर

सेवा संकल्प अभियान की प्रमुख गतिविधियों में ग्रामीणों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करना भी शामिल रहा। अभियान के अंतर्गत इच्छुक ग्रामीणों को इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और मोबाइल रिपेयरिंग जैसे व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों को उपयोगी तकनीकी कौशल से परिचित कराना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के संभावित अवसरों के लिए तैयार करना है। इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कार्यों की स्थानीय स्तर पर आवश्यकता रहती है, वहीं मोबाइल रिपेयरिंग का कौशल भी युवाओं के लिए स्वरोजगार की संभावनाएं खोल सकता है।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करने में सहायक हो सकते हैं।

सांसद संतोष पांडेय ने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को वितरित किए प्रमाण पत्र

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समापन अवसर पर कवर्धा-राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करना प्रतिभागियों के लिए अपने कौशल का विवरण प्रस्तुत करने में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, रोजगार या स्वरोजगार के अवसर व्यक्ति की दक्षता, अनुभव और स्थानीय मांग पर भी निर्भर करते हैं।

इस पहल के माध्यम से कौशल उन्नयन को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने पर जोर देना अभियान के व्यापक उद्देश्य को दर्शाता है।

उपवनमंडल अधिकारी शिवेंन भगत एवं वन विभाग के कर्मचारियों का योगदान

सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में उपवनमंडल अधिकारी शिवेंन भगत एवं वन विभाग के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता से जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण तथा कौशल उन्नयन से संबंधित गतिविधियों को संचालित किया गया।

अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई। इस प्रकार की गतिविधियां विभागीय प्रयासों को जनजागरूकता से जोड़ने का अवसर प्रदान करती हैं। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

सेवा संकल्प अभियान से जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश

17 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीणों को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने का संदेश दिया गया।

जल स्रोतों की साफ-सफाई, पौधरोपण और प्रशिक्षण जैसे प्रयास तभी अधिक प्रभावी हो सकते हैं, जब उन्हें निरंतरता और जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और युवाओं को व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराने की पहल ग्रामीण विकास की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के साथ जनसेवा और कौशल उन्नयन के महत्व को रेखांकित किया। अभियान की गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

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