विश्व आदिवासी दिवस पर राजा खड़गराज कुमार सिंह ने दी हार्दिक शुभकामनाएं, कहा—“अपनी जड़ों से जुड़ें, शिक्षा से आगे बढ़ें और एकता से भविष्य गढ़ें”,पढ़े पुरा समाचार…
सहसपुर लोहारा, 9 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सहसपुर लोहारा राजपरिवार की ओर से राजा खड़गराज कुमार सिंह ने देश एवं प्रदेश के समस्त आदिवासी समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा, लोककला, भाषा, रीति-रिवाज और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन पद्धति को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि “अपनी जड़ों से जुड़ें, शिक्षा से आगे बढ़ें और एकता से भविष्य गढ़ें।” उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी पहचान, संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता में निहित होती है। आधुनिक समय में विकास की नई संभावनाओं के साथ कदम मिलाते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली विरासत को सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सहेजने की जरूरत
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजा खड़गराज कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से अपनी विशिष्ट जीवनशैली, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की भावना के माध्यम से समाज को एक महत्वपूर्ण दिशा दी है।
आदिवासी समाज की लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक ज्ञान, वेशभूषा, भाषा, रीति-रिवाज और प्रकृति के प्रति सम्मान उसकी विशिष्ट पहचान हैं। इन परंपराओं को केवल वर्तमान पीढ़ी तक सीमित न रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन विकास के साथ अपनी जड़ों और पहचान को भूलना नहीं चाहिए। समाज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति को समझने और उस पर गर्व करने के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए।
जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने आदिवासी समाज के जीवन में जल, जंगल और जमीन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल किसी एक समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवन पद्धति प्रकृति के साथ संतुलन और सह-अस्तित्व का संदेश देती है। ऐसे पारंपरिक ज्ञान और अनुभवों को समझना तथा उनका संरक्षण करना वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इस अवसर पर लोगों से पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और अपनी स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
शिक्षा को बताया समाज की प्रगति का मजबूत आधार
शुभकामना संदेश में राजा खड़गराज कुमार सिंह ने शिक्षा को सामाजिक एवं आर्थिक विकास की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल ज्ञान, रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार की दिशा में भी युवाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाएं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करें।
युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का आह्वान
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के सामने आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं। शिक्षा, खेल, प्रशासन, व्यवसाय, तकनीक, कला, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवा अपनी पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक मजबूत एवं विकसित समाज का निर्माण कर सकती है। इसके लिए युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा।
एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता पर जोर
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजा खड़गराज कुमार सिंह ने समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है, जब समाज के लोग आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर सामूहिक हित के लिए एकजुट होकर कार्य करें। सामाजिक एकता से ही शिक्षा, रोजगार, विकास और अन्य क्षेत्रों में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की मजबूत सामाजिक संरचना और सामुदायिक भावना उसकी बड़ी ताकत है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।
महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी जरूरी
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं और बच्चों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराकर समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने तथा उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही आने वाले समय में समाज की दिशा और दशा तय करेंगे।
परंपरा के साथ आधुनिक विकास की ओर बढ़ने का संदेश
उन्होंने कहा कि समाज को अपनी गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। नई तकनीक और आधुनिक शिक्षा को अपनाने के साथ अपनी भाषा, संस्कृति, लोककला और परंपराओं को जीवित रखना समय की आवश्यकता है।
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने कहा कि संस्कृति हमारी पहचान है, शिक्षा हमारी शक्ति है और एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इन्हीं तीन आधारों पर समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
समस्त आदिवासी समाज को दी शुभकामनाएं
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सहसपुर लोहारा राजपरिवार की ओर से समस्त आदिवासी समाज, युवा, महिलाएं, बुजुर्गों एवं बच्चों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।
राजा खड़गराज कुमार सिंह ने कामना की कि आदिवासी समाज अपनी गौरवशाली पहचान, संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां हासिल करे।
उन्होंने पुनः अपने संदेश में कहा—
“अपनी जड़ों से जुड़ें, शिक्षा से आगे बढ़ें,
और एकता से भविष्य गढ़ें।”
राजा खड़गराज कुमार सिंह
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, स. लोहारा
राजपरिवार, सहसपुर लोहारा
जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़


