CGBSE BREAKING- छत्तीसगढ़ में फिर हो सकती है 12वीं बोर्ड परीक्षा! विद्यार्थियों में बढ़ी चिंता, बोर्ड की नजर हालात पर,पढ़े पुरा समाचार…?
CGBSE BREAKING: 12th board exams may be held again in Chhattisgarh! Concerns rise among students, board monitoring the situation. Read the full news...

रायपुर/ छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में परीक्षा के दौरान कुछ स्थानों से गड़बड़ी, अव्यवस्था और कथित अनियमितताओं की खबरों के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि चयनित विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जा सकती है।
दरअसल, इस वर्ष CGBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजित की गईं, जिसमें लाखों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। 
परीक्षाएं सुबह की पाली में ऑफलाइन मोड में आयोजित की गईं और प्रदेशभर में कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। 
⚠️ दोबारा परीक्षा की चर्चा क्यों?
सूत्रों के अनुसार, कुछ परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र लीक, नकल और अव्यवस्था जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर पुनः परीक्षा की पुष्टि नहीं की गई है।
🎯 किन छात्रों पर पड़ेगा असर?
यदि बोर्ड दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लेता है, तो—
• केवल प्रभावित विषयों के छात्रों को ही परीक्षा देनी होगी
• पूरे राज्य में नहीं, बल्कि चयनित केंद्रों पर ही परीक्षा हो सकती है
• छात्रों के परिणाम जारी होने में देरी संभव है
🗣️ बोर्ड और प्रशासन की स्थिति
शिक्षा विभाग और बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
आगे क्या?
• फिलहाल बोर्ड जांच प्रक्रिया में जुटा हुआ है.
• रिपोर्ट आने के बाद ही पुनः परीक्षा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
• जरूरत पड़ने पर जून में सप्लीमेंट्री परीक्षा के साथ विशेष परीक्षा भी कराई जा सकती है.
📌 छात्रों के लिए सलाह
• अफवाहों पर ध्यान न दें
• आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल से ही जानकारी लें
• पढ़ाई जारी रखें, ताकि दोबारा परीक्षा की स्थिति में तैयारी बनी रहे
👉 कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुनः परीक्षा की संभावना से छात्रों और अभिभावकों में चिंता जरूर बढ़ गई है। अब सभी की नजर बोर्ड के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।




