कबीरधाम पुलिस का कड़ा संदेश: वर्दी में शराब पीकर अभद्रता करने वाला आरक्षक बर्खास्त

कवर्धा, 30 जनवरी 2026। कबीरधाम पुलिस ने अनुशासनहीनता और नशाखोरी के खिलाफ अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति पर एक बार फिर सख्त अमल करते हुए आरक्षक क्रमांक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से पदच्युत कर दिया है। वर्दी में सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन, आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार और बार-बार अनुशासन तोड़ने के आरोप विभागीय जांच में पूर्णतः प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) ने यह कठोर कार्रवाई की।
क्या है मामला
विभागीय जांच के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को आरक्षक अभिषेक लकड़ा वर्दी में शराब के नशे में सरस्वती शो-रूम, कवर्धा पहुंचे और वहां कर्मचारियों, ग्राहकों व राहगीरों के साथ अशिष्ट और अमर्यादित व्यवहार किया। शो-रूम संचालक की सूचना पर थाना प्रभारी कवर्धा ने तत्काल तस्दीक कराई, जिसमें आरक्षक सार्वजनिक स्थान पर अत्यधिक नशे की हालत में हंगामा करते पाए गए।
समझाइश के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें थाना लाया गया। जिला अस्पताल कवर्धा में कराए गए चिकित्सीय परीक्षण (मुलाहिजा) में भी अत्यधिक शराब सेवन की पुष्टि हुई।
पहले भी मिल चुकी थी कई सजाएं
जांच में यह भी सामने आया कि अल्प सेवाकाल में ही संबंधित आरक्षक कई बार शराब सेवन, अनाधिकृत अनुपस्थिति और अनुशासनहीन आचरण के दोषी पाए गए थे। उन्हें पहले 7 बार निंदा दंड और 2 बार वेतनवृद्धि रोकने जैसी सज़ा दी जा चुकी थी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया।
जांचकर्ता अधिकारी ने साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आरोपों को पूरी तरह सिद्ध पाया। पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए इस तरह का आचरण सेवा में बने रहने योग्य नहीं माना गया।
एसपी का स्पष्ट संदेश
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्दी की गरिमा से समझौता करने वालों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है। जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सीधे सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है बर्खास्तगी
कबीरधाम पुलिस इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और गंभीर कदाचार के मामलों में तीन आरक्षकों—आरक्षक 52 अनिल मिरज, आरक्षक 517 आदित्य तिवारी और आरक्षक चालक 272 राजेश उपाध्याय—को सेवा से बर्खास्त कर चुकी है।
जीरो टॉलरेंस नीति जारी
कबीरधाम पुलिस ने दोहराया है कि विभाग में शराब सेवन, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यच्युति के लिए अब कोई जगह नहीं है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित और कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।




