वनांचल क्षेत्र की गर्भवती माताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन

वनांचल क्षेत्र की गर्भवती माताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन

ग्राम चिल्फी में आयोजित शिविर में 155 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और 65 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच

कवर्धा, 25 नवंबर 2024। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश तथा कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन पर आज सुदूर वनाचल क्षेत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिल्फी में गर्भवती महिलाओं और अन्य विशेषज्ञ स्त्री रोग, शिशु रोग विशेषज्ञ नेत्र जांच नाक, कान, गला जांच के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और निशुल्क सोनोग्राफी जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 155 लोग लाभान्वित हुए। शिविर में 65 गर्भवती महिलाओं का निशुल्क सोनोग्राफी जांच किया गया। शिविर में आए सभी प्रकार के मरीजों की जानकारी सीएमएचओ डॉ. बी.एल. राज, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. केशव ध्रुव और बीएमओ डॉ. विवेक चंद्रवंशी ने ली।
शिविर का उद्देश्य दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में ग्राम बोकरखार, महलीघाट, आमापानी , झलमला, बोड़लपान, शीतलपानी आसपास के गांवों से चिन्हित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को 102 महतारी वाहन और पुलिस विभाग के माध्यम से शिविर तक लाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित महिलाओं को शिविर में शामिल कर उनके स्वास्थ्य की व्यापक जांच की गई।

विशेषज्ञों की देखरेख में की गई जांच और उपचार

शिविर में गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी जांच की गई। इसके अलावा, सभी महिलाओं का सीबीसी, ब्लड प्रेशर, वजन, और स्क्रिनिंग जांच भी की गई। चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश साहू और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वी. गोपाल कृष्णा की देखरेख में यह जांच पूरी की गई। शिविर मे डॉ मंजूषा यादव स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा गर्भवती माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और स्त्री रोग से संबंधित अन्य मरीज को भी देखा गया। शिविर मे डॉ अनुष्का मिश्रा द्वारा बच्चों से संबंधित बीमारी का इलाज किया गया। शिविर मे डॉ हर्षित तुंवानी द्वारा मेडिसिन से संबंधित मरीज का इलाज शिविर में डॉ अदिति अग्रवाल के द्वारा सामान्य स्त्री से संबंधित इलाज शिविर में सिविल सर्जन डॉ केशव ध्रुव के विशेष निगरानी में संपन्न किया गया। शिविर मे विकास खंड से मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विल्सन कुजूरआर, एमए अर्चना गोस्वामी और राकेश राठौर, आरएचओ अशोक नवरंग दशवंती, कुशरे निशा शर्मा, सुमिता सीएचओ सावित्री परते, एमएल टी विनोद चंद्रवंशी, एम टी एस राधे टेकाम नेत्र सहायक अधिकारी प्रभात गुप्ता, स्टाफ नर्स मुकेश चंद्रवंशी, आर एच ओ सकून नेताम सुषमा सेक्टर सुपरवाइजर बाबू लाल, डाटा ऑपरेटर मोहित चंद्रवंशी, बी ईटीओ माणिक चंद्रवंशी, बीपीएम रूपेश चंद्रवंशी, जिला स्तर से ऑडियो लॉजी अनिल बंजारे, साइक्रिटिक नर्सिंग अनिल हीयाल, पी पी एम निलेश टांडेकर एस टी एस भूपेंद्र भास्कर का योगदान रहा।

पहले भी आयोजित हुए शिविर

वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पहले भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए गए हैं। 19 जुलाई को झलमला, 7 अक्टूबर को तरेगांव, और 8 अक्टूबर को रेंगखार में शिविरों का आयोजन किया गया। 24 नवंबर को बोडला में किया गया। शिविर में श्री रामप्रसाद बघेल भी उपस्थित होकर शिविर का जायजा लिया।

गर्भवती माताओं से सीधा संवाद

शिविर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा माताओं से बातचीत कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इस प्रकार के शिविर दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहे हैं।

महिला और शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित प्रयास

राज्य शासन का यह प्रयास महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिविरों के माध्यम से न केवल जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा रहा है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। वनांचल क्षेत्रों में इस प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराना क्षेत्र की स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करने में सहायक है।

 

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