शराब प्रेमियों को झटका! छत्तीसगढ़ में होली 2026 पर बंद रहेंगी शराब दुकानें, सरकार का बड़ा फैसला,पढ़े पूरा समाचार…?

रायपुर/गिरौदपुरी/ छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ सरकार ने होली 2026 के अवसर पर राज्यभर में शराब दुकानों को बंद रखने का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के दिन “ड्राई डे” को रद्द नहीं किया जाएगा और पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। इस घोषणा के साथ ही त्योहार के दिन शराब दुकानों के खुलने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
होली पर ड्राई डे को लेकर कोई बदलाव नहीं – सीएम साय

गिरौदपुरी में आयोजित मेले के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि होली जैसे महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक पर्व पर राज्य सरकार किसी प्रकार की ढील देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने दोहराया कि ड्राई डे को लेकर जो दिशा-निर्देश पहले से तय हैं, उनका अक्षरशः पालन किया जाएगा।
सीएम साय ने कहा कि त्योहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द, शांति और मर्यादा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए होली के दिन शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
अटकलों पर लगा विराम
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि नई आबकारी नीति के तहत ड्राई डे की सूची में बदलाव किया जा सकता है और होली के दिन शराब दुकानें खुल सकती हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं।
हालांकि मुख्यमंत्री की स्पष्ट घोषणा के बाद अब स्थिति साफ हो गई है कि राज्य में होली के दिन सभी देशी और विदेशी शराब दुकानें बंद रहेंगी।
भूपेश बघेल ने साधा था निशाना
नई आबकारी नीति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ड्राई डे की सूची से होली को बाहर करने का प्रस्ताव यह दर्शाता है कि सरकार को केवल राजस्व की चिंता है।
भूपेश बघेल ने कहा था कि होली जैसे पवित्र त्योहार पर शराब दुकानों को खोलना प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के विरुद्ध है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।
सामाजिक व राजनैतिक संगठनों ने भी किया विरोध
कल हि जिला कांग्रेस कमिटी कबीरधाम ने इसका विरोध करते हुए कवर्धा जिला मुख्यालय मे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन किया था,
राज्य के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी होली के दिन शराब बिक्री की संभावित अनुमति का विरोध किया था। उनका तर्क था कि त्योहार के दिन शराब बिक्री से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है।
कुछ संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ड्राई डे बनाए रखने की मांग की थी। सरकार के ताजा फैसले को इन संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है।
कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस और आबकारी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि होली के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और अवैध शराब बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
संस्कृति और मर्यादा पर जोर
राज्य सरकार का यह फैसला यह संकेत देता है कि त्योहारों के दौरान सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंगों और खुशियों का पर्व है, जिसे शांति और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।
सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर सामाजिक संगठनों में संतोष है, वहीं शराब कारोबार से जुड़े वर्गों में हलचल देखी जा रही है। अब होली 2026 पर प्रदेशभर में पूर्ण रूप से ड्राई डे लागू रहेगा।




