Breaking newsLatest newsकबीरधामछत्तीसगढ़पंडरियाबड़ी खबरराजनीतिविभागीयसहसपुर लोहारा

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाए गो-वंश संरक्षण और सांस्कृतिक आयोजनों के मुद्दे,बजट सत्र में सरकार से मांगा विस्तृत ब्यौरा, मंत्रियों ने दिए लिखित उत्तर..

Pandaria MLA Bhavna Bohra raised issues of cow protection and cultural events in the Assembly, sought detailed details from the government in the budget session, ministers gave written answers.

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया की विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश में गो-वंश संरक्षण एवं संवर्धन तथा सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए। उन्होंने गौशालाओं की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट व्यय सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों की सहभागिता पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

गौशालाओं की संख्या और योजनाओं पर सवाल

विधायक भावना बोहरा ने राज्य में पंजीकृत एवं अपंजीकृत गौशालाओं की कुल संख्या, संचालित योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में किए गए बजट प्रावधान और व्यय की जानकारी चाही। साथ ही गौशालाओं में चारा, पानी, शेड, पशु-चिकित्सा, टीकाकरण जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर भी प्रश्न किया। उन्होंने निराश्रित और सड़कों पर विचरण करने वाले गो-वंश की पहचान, पकड़ और संरक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना की जानकारी भी मांगी।

इस पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने लिखित उत्तर में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 135 पंजीकृत एवं 54 अपंजीकृत, कुल 189 गौशालाएं संचालित हैं। गो-वंश संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग द्वारा गौशालाओं का पंजीयन किया जाता है तथा गौधाम योजना के अंतर्गत गौधामों का पंजीकरण किया जाता है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 135 पंजीकृत गौशालाओं को मांग के अनुरूप 1922 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त आदर्श गौधाम एवं गोकुल ग्राम झालम, जिला बेमेतरा में संरक्षित पशुधन हेतु 29.75 लाख रुपये की राशि प्रदाय की गई। 11 पंजीकृत गौधामों को अद्यतन कोई राशि जारी नहीं की गई है।

नस्ल सुधार और संवर्धन के लिए करोड़ों का प्रावधान

मंत्री नेताम ने बताया कि गो-वंश संवर्धन हेतु पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, शत-प्रतिशत अनुदान पर सांड वितरण योजना तथा उन्नत मादा वत्सपालन योजना संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2024-25 में पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 35 लाख 85 हजार रुपये से अधिक, सांड वितरण योजना के लिए 80.50 लाख रुपये तथा उन्नत मादा वत्सपालन योजना के तहत 249.90 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग की क्रियान्वयन समिति की बैठक में अनुमोदन के बाद पोषण आहार, शेड निर्माण, पेयजल एवं अन्य मदों में नियमानुसार अनुदान दिया जाता है। प्रति संस्था एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। निराश्रित गो-वंश की पहचान के लिए पशुओं में रेडियम पट्टी लगाने तथा संरक्षण के लिए गौधाम योजना संचालित होने की जानकारी भी दी गई।

सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी

विधायक भावना बोहरा ने सांस्कृतिक योजनाओं और आयोजनों में स्थानीय एवं लोक कलाकारों की सहभागिता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा आयोजित, जिला स्तर पर आयोजित तथा अशासकीय संस्थाओं द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों की संख्या और उन पर हुए व्यय का मदवार एवं जिलावार विवरण मांगा।

इस पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा 2662 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिलों द्वारा 52 कार्यक्रम आयोजित हुए तथा अशासकीय संस्थाओं द्वारा 504 सांस्कृतिक आयोजनों को प्रायोजित किया गया। इन पर क्रमशः 14,76,50,002 रुपये, 3,78,29,000 रुपये एवं 9,87,59,000 रुपये व्यय किए गए।

मंत्री अग्रवाल ने बताया कि विभागीय आयोजनों में चिन्हारी पंजीकृत कलाकारों को स्वीकृति दी जाती है, जिनमें 100 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। वहीं जिला कलेक्टर एवं अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देते हुए कुल स्वीकृत राशि का 45 प्रतिशत भुगतान स्थानीय कलाकारों के लिए निर्धारित किया गया है।

विधायक बोहरा ने जताई संतुष्टि

सदन में मुद्दा उठाते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि गो-वंश संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत दोनों ही प्रदेश की पहचान और आस्था से जुड़े विषय हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गौशालाओं की स्थिति में सुधार और स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर उपलब्ध कराएगी।

विधानसभा में उठे इन प्रश्नों और दिए गए जवाबों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार गो-वंश संरक्षण और सांस्कृतिक प्रोत्साहन दोनों क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, हालांकि जमीनी स्तर पर इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।

About The Author

Raja Pawan Shrivastava

राजा श्रीवास्तव(फाउंडर & चीफ एडिटर) बीएजेएमसी (B.A.J.M.C) कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़.. खबर,विज्ञापन या अन्य खास अपडेट के लिए संपर्क करे - 📞7389167768☎️

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!