विधानसभा में गूंजे कबीरधाम के मुद्दे: कृषि, शिक्षा, मत्स्य पालन और ऐतिहासिक धरोहरों पर विधायक भावना बोहरा ने उठाए सवाल…
कवर्धा/पंडरिया/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने क्षेत्र कबीरधाम जिले सहित प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने कृषि विकास, किसान कल्याण, आदिवासी आश्रम-छात्रावासों में रिक्त पद, मत्स्य पालन को बढ़ावा तथा ऐतिहासिक व पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े प्रश्न पूछकर सरकार का ध्यान इन अहम विषयों की ओर आकर्षित किया।
🌾 कृषि और किसान कल्याण पर विस्तृत जानकारी
विधायक बोहरा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के कुल कृषि रकबे और किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे उर्वरक एवं बीज की स्थिति पर सवाल उठाया। सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि
कवर्धा, पंडरिया और सहसपुर लोहारा विकासखंडों को मिलाकर कुल 1,46,124 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है।
वित्तीय वर्षों के अनुसार उर्वरक भंडारण और वितरण की स्थिति भी सामने आई—
- 2023-24: खरीफ में 58,226 क्विंटल भंडारण, 53,308 क्विंटल वितरण
- 2024-25: खरीफ में 60,289 क्विंटल भंडारण, 55,523 क्विंटल वितरण
- 2025-26: खरीफ में 65,115 क्विंटल भंडारण, 59,780 क्विंटल वितरण
रबी सीजन में भी भंडारण लक्ष्य से अधिक रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार किसानों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।
🏫 आदिवासी छात्रावासों में रिक्त पदों का मुद्दा
विधायक ने कबीरधाम जिले के आदिवासी आश्रमों, शालाओं और छात्रावासों में रिक्त पदों को लेकर चिंता जताई।
सरकार ने स्वीकार किया कि जिले में अधीक्षक के 44 पद रिक्त हैं, जिनकी भर्ती प्रक्रिया जारी है।
छात्रवृत्ति में देरी के सवाल पर विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल 2 मामलों में आधार सीडिंग व खाता संबंधी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो पाया, जबकि नई व्यवस्था के तहत समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
🐟मत्स्य पालन को बढ़ावा: हजारों हितग्राही लाभान्वित
मत्स्य पालन क्षेत्र में भी विधायक बोहरा ने विस्तार से जानकारी मांगी। जवाब में बताया गया कि—
- NFDP पोर्टल पर 1,448 मत्स्य पालक पंजीकृत हैं
- अब तक 1,250 हितग्राहियों को 49.72 लाख रुपये की सहायता दी गई
- जिले में 5 सक्रिय मछली पालन केंद्र संचालित हैं
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 52.02 लाख रुपये तथा 2025-26 में 60.59 लाख रुपये की राशि व्यय कर हजारों हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया।
🏛️ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर सरकार का जवाब
राज्य के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों की स्थिति पर उठाए गए सवाल के जवाब में पर्यटन विभाग ने बताया कि—
- राज्य में कुल 109 संरक्षित स्मारक हैं
- 46 केंद्र संरक्षित
- 63 राज्य संरक्षित
सरकार के अनुसार सभी स्मारक वर्तमान में सुरक्षित हैं और नियमित निरीक्षण व संरक्षण कार्य जारी है।
बजट विवरण:
- 2024-25: केंद्र के लिए 5 करोड़, राज्य के लिए 80 लाख
- 2025-26: केंद्र के लिए 5.90 करोड़, राज्य के लिए 1.85 करोड़
इन राशियों से संरक्षण, मरम्मत, पर्यटक सुविधाओं और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं।
📌 जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता
विधानसभा में विधायक भावना बोहरा द्वारा उठाए गए ये मुद्दे न केवल कबीरधाम जिले बल्कि पूरे प्रदेश के विकास से जुड़े हैं। कृषि, शिक्षा, रोजगार, मत्स्य पालन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर उनकी सक्रियता यह दर्शाती है कि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर वे गंभीर हैं और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं।
👉 कुल मिलाकर, विधानसभा के अंतिम दिन यह चर्चा विकास, योजनाओं की जमीनी हकीकत और भविष्य की रणनीतियों को लेकर काफी अहम रही।


