सिद्धि मंदिर बेमेतरा में ऐतिहासिक निर्णय: सर्वसम्मति से बलि प्रथा पर रोक, उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान

बेमेतरा सिद्धि माता मंदिर- बेमेतरा स्थित प्रसिद्ध सिद्धि मंदिर में शुक्रवार को आयोजित सर्वसमाज की बैठक में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से मंदिर परिसर में प्रचलित पशु बलि प्रथा पर पूर्णतः रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही, इस निर्णय का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
बैठक में मंदिर समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख, श्रद्धालु एवं नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर यह निर्णय लिया कि आस्था और श्रद्धा की अभिव्यक्ति अहिंसा और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। पशु बलि जैसी परंपराएं वर्तमान समय में सामाजिक संवेदनशीलता, कानून व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय समाज में सकारात्मक संदेश देने, पर्यावरण संरक्षण, पशु क्रूरता पर रोक और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। अब मंदिर में पूजा-अर्चना, प्रसाद एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूर्ववत होते रहेंगे, लेकिन किसी भी प्रकार की पशु बलि की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर पूर्व निर्धारित भारी जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यक होने पर प्रशासनिक कार्रवाई के लिए भी सूचित किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया। कई वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बनेगा, जहां आस्था के साथ-साथ संवेदनशीलता और कानून का सम्मान भी बना रहेगा।
सिद्धि मंदिर में लिए गए इस निर्णय को क्षेत्र में व्यापक सराहना मिल रही है और इसे सामाजिक जागरूकता व मानवीय सोच की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




