बेमेतरा में फर्जी आईएएस बनकर ठगी: खुद को डीएम बताने वाला UP का युवक गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खुलासा…
बेमेतरा (छत्तीसगढ़)। जिले में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को जिला कलेक्टर (डीएम) बताकर नौकरी लगवाने, ट्रांसफर कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है।
किराए के मकान में रहकर रच रहा था ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से देवकर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। महज दसवीं पास रोहित कुमार ने खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताकर क्षेत्र में अपनी धाक जमाने की कोशिश की। वह लोगों को भरोसे में लेने के लिए सरकारी रौब और प्रभाव का दिखावा करता था।
स्थानीय लोगों को शक तब हुआ जब आरोपी द्वारा बताए गए पद और कार्यशैली में कई विसंगतियां सामने आईं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर वसूले लाखों रुपये
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अब तक कम से कम तीन लोगों से कुल 2 लाख 62 हजार 500 रुपये की ठगी की है। वह सरकारी नौकरी दिलाने, मनचाही जगह पर ट्रांसफर कराने और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रकम वसूलता था।
पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए वह खुद को जिले का वरिष्ठ अधिकारी बताता और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देता था। रकम लेने के बाद वह या तो टालमटोल करता या संपर्क से बाहर हो जाता।
डीआईजी के निर्देशन में बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामकृष्ण साहू के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। देवकर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस ठगी के नेटवर्क में कोई अन्य सहयोगी शामिल था और कितने लोगों को उसने अपना शिकार बनाया।
जनता से अपील
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को उच्च अधिकारी बताकर नौकरी, ट्रांसफर या सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर धन की मांग किए जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच जारी है।

