पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग तेज, छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन कबीरधाम ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,पढ़े पुरा समाचार…?
कवर्धा। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता को सशक्त बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन, जिला कबीरधाम के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र प्रभाव से लागू करने की मांग की है। कलेक्टर की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर देवांगन को सौंपा गया।

यूनियन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारपूर्ण होती है। पत्रकार शासन, प्रशासन और आम जनता के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता एवं निर्भीकता से सामने लाकर जनहित में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।

पत्रकारों पर बढ़ रहे दबाव और चुनौतियां
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश सहित देशभर में पत्रकारों के विरुद्ध झूठी, दुर्भावनापूर्ण और अनावश्यक शिकायतों की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिली है। कई बार पत्रकारों को केवल समाचार प्रकाशित करने, जनहित के मुद्दों को उजागर करने या भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को सामने लाने के कारण मानसिक प्रताड़ना, दबाव और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करने का कार्य करते हैं। ऐसे पत्रकारों को कई बार सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक दबावों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके कार्य की स्वतंत्रता प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियों में पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन समय की आवश्यकता बन गया है।
पारित कानून के बावजूद लागू नहीं हुआ प्रावधान
ज्ञापन में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि वर्ष 2023 में पत्रकार सुरक्षा से संबंधित विधेयक विधानसभा से पारित होने के साथ ही उसका राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है, लेकिन अब तक कानून को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। इसके चलते प्रदेश के पत्रकार आज भी अपेक्षित कानूनी सुरक्षा और संरक्षण से वंचित हैं।

यूनियन ने मांग की कि सरकार पारित कानून को शीघ्र लागू कर पत्रकारों को आवश्यक कानूनी संरक्षण प्रदान करे, ताकि वे निर्भीक और निष्पक्ष होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
कानून लागू होने से मिलेंगे कई सकारात्मक परिणाम
ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून के संभावित लाभों का भी उल्लेख किया गया। यूनियन के अनुसार इस कानून के लागू होने से पत्रकारों के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर अंकुश लगेगा, पत्रकारों को धमकी, दबाव और प्रताड़ना से राहत मिलेगी तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूती प्राप्त होगी।

पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित रहेंगे तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और अधिक सशक्त होगा तथा जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा।
पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार संप्रेषण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समाज की आवाज बनकर जनता की समस्याओं और मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित बनाने के समान है।
जिला अध्यक्ष श्याम टंडन ने कहा कि पत्रकारों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून को प्राथमिकता के आधार पर लागू करना चाहिए, ताकि प्रदेश में स्वतंत्र पत्रकारिता का वातावरण और अधिक सुदृढ़ हो सके।
वहीं सहसपुर लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष उमेश छेदावी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को कई बार अत्यधिक जोखिम उठाकर समाचार संकलन करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षा कानून और भी अधिक आवश्यक हो जाता है।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे उपस्थित
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इनमें गुरदीप सलूजा (जिला कोषाध्यक्ष), रविन्द्र शुक्ला, विकास शुक्ला, तोरण छेदावी (ब्लॉक सचिव, सहसपुर लोहारा), टिकेश्वर साहु (ब्लॉक उपाध्यक्ष) सहित अन्य पत्रकार साथी शामिल थे। सभी ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ा मुद्दा
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी। संगठन का कहना है कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग केवल पत्रकारों के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
यूनियन के अनुसार पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना एक मजबूत, जवाबदेह और पारदर्शी लोकतंत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे जनता और शासन के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत होगा।


