
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को उस समय हलचल मच गई जब शहर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर अचानक पुरानी बस्ती थाना पहुंच गया। लंबे समय से फरारी काट रहे रोहित ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत प्राप्त की है। इसी अदालती आदेश के पालन में वह स्वयं पुलिस के सामने उपस्थित हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रोहित सिंह तोमर बीते कई महीनों से पुलिस की पकड़ से दूर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया था और लगातार ठिकाने बदलते हुए अंडरग्राउंड रहा। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन
बताया जा रहा है कि रोहित को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद, अदालत के निर्देशानुसार उसे जांच में सहयोग करना है। इसी के तहत वह पुरानी बस्ती थाना पहुंचा। कानूनी प्रावधानों के चलते फिलहाल पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती, लेकिन उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
आधा दर्जन मामलों में पूछताछ
रोहित सिंह तोमर के खिलाफ रायपुर शहर के विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, वसूली और अन्य गंभीर धाराओं के प्रकरण शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने उससे इन सभी मामलों के संबंध में विस्तार से पूछताछ शुरू कर दी है।
फरारी के दौरान गतिविधियों पर सवाल
पूछताछ का मुख्य फोकस इस बात पर है कि फरारी के दौरान रोहित कहां-कहां रहा, किन लोगों के संपर्क में था, और क्या वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा। पुलिस उसके नेटवर्क, मददगारों और आर्थिक स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस की नजर हर गतिविधि पर
पुलिस का कहना है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाई है, लेकिन जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी। रोहित को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और पुलिस उसकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।
गौरतलब है कि हाल ही में रोहित की बहन रूबी से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। अब भाई रोहित से सीधे पूछताछ होने से कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालती निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




