भोरमदेव महोत्सव 17 मार्च को, इस बार छपरी में सजेगा सांस्कृतिक मंच,कॉरिडोर निर्माण के कारण बदला स्थान, प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं..

कवर्धा, 13 मार्च 2026।  कबीरधाम जिले की सांस्कृतिक पहचान और परंपरा का प्रतीक भोरमदेव महोत्सव इस वर्ष 17 मार्च, मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। हर साल ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव इस बार निर्माणाधीन भोरमदेव कॉरिडोर के कारण स्थान परिवर्तन के साथ आयोजित होगा। प्रशासन ने महोत्सव स्थल को बदलते हुए इस बार कार्यक्रम का आयोजन बोड़ला रोड स्थित ग्राम पंचायत छपरी में करने का निर्णय लिया है।

जिला प्रशासन के अनुसार कॉरिडोर निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण मंदिर परिसर में आयोजन संभव नहीं था, लेकिन महोत्सव की परंपरा को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्थल तय किया गया है, ताकि जिले के इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन की निरंतरता बनी रहे।

प्रशासनिक तैयारियां तेज

महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने संबंधित विभागों की बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच, लाइटिंग, साउंड सिस्टम, कलाकारों के लिए ग्रीन रूम, दर्शक दीर्घा और पार्किंग स्थल की व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए तथा आगंतुकों की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था और अस्थायी शौचालय तैयार किए जाएं। इसके साथ ही पूरे परिसर में दिशा-सूचक संकेतक लगाए जाएं और पार्किंग क्षेत्र में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर जोर

प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ पहुंच मार्गों की साफ-सफाई और समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि आयोजन स्थल तक आने वाले मार्गों को व्यवस्थित किया जाए और वाहनों की आवाजाही के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी शाम

महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ-साथ प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में जिले की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और जनजातीय कला का प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा, जिससे जिले की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि भोरमदेव महोत्सव का आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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