Breaking newsLatest newsअंतर्राष्ट्रीयगौरेला-पेंड्रा-मरवाहीछत्तीसगढ़धार्मिकमनोरंजनमानवतासनातन हिन्दूसंपादकीय

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा के अंकित और अमेरिका की कायला ने हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी, अमरकंटक में विदेशी बारातियों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर किया डांस,पढ़े पूरा समाचार औऱ जानिए क्या है मामला ??

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/अमरकंटक/अमेरिका-
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रेम, परंपरा और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला, जब पेंड्रा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित साहू ने अमेरिका की मैकेनिकल इंजीनियर कायला के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह रचाया। 5 फरवरी को अमरकंटक स्थित नर्मदे आनंदम रिसॉर्ट में आयोजित इस विवाह समारोह ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खास चर्चा बटोरी।

अमरकंटक की पावन वादियों और आध्यात्मिक माहौल के बीच संपन्न इस विवाह में हल्दी, मेहंदी, बारात, जयमाला और सात फेरे जैसे सभी पारंपरिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से संपन्न हुए। दुल्हन कायला ने पारंपरिक भारतीय परिधान और गहनों में सजी-धजी नजर आईं, वहीं अंकित भी पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई दिए। दोनों की जोड़ी ने सभी का मन मोह लिया।

काम के दौरान हुई थी मुलाकात

अंकित साहू, पेंड्रा के होटल व्यवसायी रमेश साहू के पुत्र हैं। वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका के मिलवोकी गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वहीं एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात कायला से हुई, जो अमेरिका की एक कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में पार्ट्स डिजाइन का कार्य करती हैं। दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदली और दोनों ने विवाह का निर्णय लिया।

अमेरिका से पहुंचे वधू पक्ष के मेहमान

विवाह समारोह में वधू पक्ष से लगभग डेढ़ दर्जन मेहमान अमेरिका से अमरकंटक पहुंचे। भारतीय विवाह की परंपराओं को करीब से देखना उनके लिए एक नया और रोमांचक अनुभव रहा। ढोल-नगाड़ों और छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की धुन पर विदेशी मेहमानों ने जमकर डांस किया और स्थानीय संस्कृति का आनंद लिया।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति से हुए रूबरू

मेहमानों के लिए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। लोकनृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने समारोह में रंग भर दिया। विदेशी मेहमानों ने भारतीय रीति-रिवाजों, खान-पान और पहनावे की खुलकर सराहना की।

यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों के सुंदर मिलन का प्रतीक बन गया। शहर में इस शादी की खूब चर्चा है और लोग इसे भारतीय परंपरा और अतिथि सत्कार की अनोखी मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

About The Author

Raja Pawan Shrivastava

राजा श्रीवास्तव(फाउंडर & चीफ एडिटर) बीएजेएमसी (B.A.J.M.C) कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़.. खबर,विज्ञापन या अन्य खास अपडेट के लिए संपर्क करे - 📞7389167768☎️

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!