सहसपुर लोहारा सर्किल में वन एवं वन्यजीव अपराध रोकथाम हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सहसपुर लोहारा- आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को सहसपुर सर्किल अंतर्गत वन एवं वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मंडल अधिकारी (वन) शिवेन्द्र भगत ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

अपने उद्बोधन में भगत ने अनुसूची-1 में शामिल वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये प्राणी अत्यंत संरक्षित श्रेणी में आते हैं तथा इनके शिकार, क्षति या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को फसलों की सुरक्षा के नाम पर विद्युत करंट का प्रयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। भगत ने स्पष्ट रूप से बताया कि 11 केवी विद्युत लाइनों से अवैध हुकिंग कर खेतों में करंट फैलाना गंभीर अपराध है, जिससे न केवल वन्यजीवों बल्कि मानव जीवन को भी गंभीर खतरा होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत वन विभाग अथवा विद्युत विभाग के लाइनमैन को दें।

इसके साथ ही उन्होंने वन्य प्राणियों के गांवों एवं रिहायशी क्षेत्रों की ओर आने के कारणों की जानकारी देते हुए कहा कि जंगलों में भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की कमी के चलते वन्यजीव मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में वनों की कटाई रोकना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में एंटी स्नेर वॉक के अंतर्गत ग्राम बड़ौदा खुर्द के राजस्व क्षेत्र में मिले पगमार्क के संबंध में ग्रामीणों को सतर्क किया गया। वन अधिकारियों द्वारा वन्यजीव सुरक्षा, अवैध शिकार पर रोकथाम तथा वनों की कटाई न करने को लेकर आवश्यक समझाइश दी गई।

इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी कीर्तिवर्धन, क्षेत्र सहायक रवि टंडन, जेएफएमसी के अध्यक्ष, संबंधित ग्रामों के सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का सफल प्रयास किया गया।

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