भोरमदेव जंगल सफारी पर सियासी घमासान: आमंत्रण पत्र से पंडरिया विधायक का नाम गायब, उठे गंभीर सवाल,पढ़े पुरा समाचार..?
कवर्धा (कबीरधाम), 3 मई 2026 (रविवार)। कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में प्रस्तावित जंगल सफारी के शुभारंभ से पहले ही सियासी विवाद गहरा गया है। जहां एक ओर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रशासन और पर्यटन विभाग खासा उत्साहित नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर आमंत्रण पत्र में हुई एक बड़ी चूक ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

आमंत्रण पत्र बना विवाद की वजह
जंगल सफारी के उद्घाटन के लिए छपे आधिकारिक आमंत्रण पत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा का नाम शामिल नहीं किए जाने से नाराजगी सामने आई है।
हालांकि, पत्र में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद संतोष पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं।

इसी जिले की निर्वाचित विधायक का नाम गायब होना न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि इसे जनप्रतिनिधि के सम्मान से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ा असंतोष
स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं है। इसे पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है, वहीं विपक्ष को भी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधने का मौका मिल गया है।
राजनीतिक गलियारों में तेज हलचल
यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। खासकर ऐसे समय में जब महिला सशक्तिकरण और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर सरकारें लगातार दावे कर रही हैं, एक महिला विधायक की अनदेखी कई सवाल खड़े कर रही है।
अब यह लापरवाही थी या सुनियोजित कदम—इस पर प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
जंगल सफारी: पर्यटन के लिए नई उम्मीद
विवाद के बीच, जिले के पर्यटन विकास के लिहाज से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां 35 किलोमीटर लंबा सफारी ट्रैक तैयार किया गया है।
सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है। यहां पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ियों, झरनों और प्राकृतिक जल स्रोतों के बीच रोमांचक सफर का अनुभव कर सकेंगे।
पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
प्रारंभिक चरण में 3 सफारी वाहन संचालित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में 6 पर्यटक गाइड और ड्राइवर के साथ यात्रा कर सकेंगे। भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।
नजरें अब प्रशासन के जवाब पर
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस पूरे विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या आमंत्रण पत्र में हुई इस चूक को सुधारने के लिए कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।
वहीं, दूसरी ओर प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भोरमदेव जंगल सफारी एक नया आकर्षण बनकर सामने आ रहा है।


