तनाव से निपटने का मिला मंत्र: कबीरधाम पुलिस ने कराया प्रेरक व्याख्यान,मानसिक संतुलन, योग और सकारात्मक सोच पर दिया गया जोर…

कवर्धा/कबीरधाम, 21 अप्रैल 2026। कबीरधाम जिला पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए “तनाव प्रबंधन” विषय पर प्रेरणादायक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। न्यू पुलिस लाइन परिसर में मंगलवार सुबह 6 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षु शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मियों को मानसिक तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने के उपायों से अवगत कराना और उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ मानसिक संतुलन को बेहतर बनाना रहा।

जैनाचार्य डॉ. अरविंद मुनि का प्रेरक संबोधन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में डॉ. अरविंद मुनि उपस्थित रहे। उनके आगमन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) आशीष शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

अपने उद्बोधन में डॉ. अरविंद मुनि ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है, जिसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग के कार्यों की जटिलता और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए मानसिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

योग, ध्यान और सकारात्मक सोच का महत्व

वक्ता ने बताया कि ध्यान, योग, नियमित दिनचर्या, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाकर तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने दैनिक जीवन में इन उपायों को शामिल करने की सलाह दी, ताकि वे कार्य के दबाव को सकारात्मक ऊर्जा में बदल सकें।

व्यवहारिक उपायों से मिला लाभ

व्याख्यान के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन के सरल और व्यवहारिक उपाय बताए गए। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और जीवन में अपनाने योग्य बताया।

बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद

इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक महेश्वर सिंह सहित कबीरधाम पुलिस के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही स्वामी विवेकानंद अकैडमी के प्रशिक्षणरत युवा-युवतियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

भविष्य में भी ऐसे आयोजन की मांग

कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने इस प्रकार के उपयोगी और प्रेरणादायक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता जताई। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि पुलिसकर्मियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

निष्कर्ष:
कबीरधाम पुलिस की यह पहल न केवल विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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