पीकअप वाहन चोरी का खुलासा: 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, वाहन बरामद,स.लोहारा पुलिस की त्वरित कार्यवाही,पढ़े पुरा समाचार..?
Pickup Vehicle Theft Solved: Accused Arrested Within 24 Hours, Vehicle Recovered—Swift Action by S. Lohara Police. Read the Full Story.

सहसपुर लोहारा / बिडोरा / कबीरधाम | कबीरधाम जिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीकअप वाहन चोरी के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। थाना सहसपुर लोहारा क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की गई वाहन को बरामद कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने 26 मार्च 2026 को थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पीकअप वाहन क्रमांक CG07CA2263 को 25 मार्च की रात करीब 8 बजे बिडोरा स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ा किया गया था। अगले दिन सुबह वाहन वहां से गायब मिला। वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये बताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सहसपुर लोहारा में अपराध क्रमांक 36/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा एसडीओपी कृष्ण कुमार चन्द्राकर के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और संदिग्धों की पतासाजी की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम को सफलता तब मिली जब बानो जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखी गई चोरी की पीकअप वाहन बरामद कर ली गई। इसी दौरान आरोपी भूपेन्द्र मण्डावी (35 वर्ष), निवासी बिडोरा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई वाहन के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त डुप्लीकेट चाबी भी जब्त की है। आरोपी को विधिसम्मत कार्रवाई के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक बलदाऊ भट्ट, प्रधान आरक्षक शमशेर अली, अनिल साहू, आरक्षक बलराम, चरण पटेल, तुषांत साहू एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर रवि जायसवाल की अहम भूमिका रही।
पुलिस की अपील:
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों की रोकथाम में सहयोग मिल सके।




