पंडरिया विधानसभा में 165 आदिवासी नागरिकों की घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया सम्मान….
165 tribal citizens returned home in Pandaria Assembly, MLA Bhavna Bohra honored them by washing their feet....

पंडरिया,कबीरधाम,छत्तीसगढ़। वनांचल क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ग्राम कुल्हीडोंगरी में आयोजित “संस्कृति गौरव सम्मान एवं अभिनंदन समारोह” में लगभग 165 आदिवासी परिवारों के सदस्यों ने अपने मूल धर्म एवं परंपराओं में पुनः आस्था व्यक्त करते हुए घर वापसी की। कार्यक्रम का आयोजन प्राथमिक शाला परिसर के समीप किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

समारोह में क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा ने लौटे हुए जनजातीय भाई-बहनों का पारंपरिक रीति से स्वागत करते हुए उनके पैर पखारकर सम्मान प्रकट किया। यह दृश्य उपस्थित जनसमुदाय के लिए सांस्कृतिक आत्मगौरव और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।
सांस्कृतिक संरक्षण और संवाद का अभियान
विधायक बोहरा ने कहा कि यह पहल केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक समरसता और आत्मसम्मान से जुड़ा व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि वनांचल क्षेत्रों में निरंतर जनसंपर्क, संवाद और विकास कार्यों के माध्यम से विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप जनजातीय परिवार अपनी परंपराओं की ओर लौट रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में कुछ स्थानों पर प्रलोभन अथवा दबाव के माध्यम से धर्मांतरण की घटनाएं हुई थीं, किंतु वर्तमान में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन की सक्रियता से स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
अब तक 400 से अधिक लोगों की घर वापसी
विधायक के अनुसार, यह कार्यक्रम एक सतत अभियान का हिस्सा है। इससे पहले नेऊर क्षेत्र से 115, कुई-कुकदुर क्षेत्र से 70 तथा ग्राम दमगढ़ से 50 नागरिकों ने घर वापसी की थी। कुल्हीडोंगरी में 165 लोगों की वापसी के साथ अब तक पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल इलाकों से लगभग 400 से अधिक आदिवासी नागरिक अपने मूल धर्म और सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़े हैं।
विकास योजनाओं का उल्लेख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बोहरा ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्रों में सड़क, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा, मोबाइल हेल्थ पैथ लैब, बाइक एम्बुलेंस, पीएम आवास, तथा अन्य अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों से जनजातीय क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आया है। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक वनवासी परिवार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का प्रस्ताव
विधायक ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा बजट सत्र में “छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026” प्रस्तुत करने की तैयारी में है। उनका कहना है कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करते हुए प्रलोभन, दबाव या छलपूर्वक धर्म परिवर्तन की गतिविधियों पर नियंत्रण सुनिश्चित करेगा।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में वरिष्ठ आदिवासी नेता धनवा परस्ते ने विधायक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समाज को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए इस प्रकार के प्रयास आवश्यक हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका इंदौरी की मित्रीन बाई मांडले, उपाध्यक्ष जशवंत साहू, कुल्हीडोंगरी के सरपंच संजीव परस्ते सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

कुल्हीडोंगरी का यह आयोजन क्षेत्र में सांस्कृतिक पहचान और विकास के समन्वय का प्रतीक बनकर उभरा, जहां जनजातीय परिवारों ने अपनी परंपराओं से पुनः जुड़ने के साथ विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनने का संकल्प दोहराया।




